Wednesday, June 29, 2011
बेन अली को 35 साल की सजा, करोड़ों का जुर्माना
पूर्व राष्ट्रपति जैनुल आबदीन बेन अली को यहां की एक अदालत ने 35 साल जेल की सजा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि अरब क्रांति के जनक ट्यूनीशिया में सत्ता विरोधी प्रदर्शन के कारण गत 14 जनवरी को बेन अली शासन छोड़ परिवार समेत सऊदी अरब चले गए थे। फिलहाल वह वहीं रह रहे हैं। सोमवार को अदालत ने उनकी अनुपस्थिति में उन्हें चोरी और भारी मात्रा में नकदी और आभूषण पर गैर कानूनी तरीके से अधिकार रखने के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। उनकी पत्नी लैला त्राबेल्सी को भी यही सजा सुनाई गई है। खास बात यह है कि केवल छह घंटे की सुनवाई में ही अदालत ने यह फैसला सुना दिया। इस फैसले से ट्यूनिशिया के लोग पूरी तरह खुश नहीं हैं। सुबह से फैसले का इंतजार कर रही छात्रा मरियम ने कहा, यह फैसला जनता को बहुत राहत देने वाला नहीं है। दूसरी तरफ बेन अली के वकील अकरम अजोरी ने फैसले को हास्यास्पद बताया। जबकि मुकदमे से अलग रहे एक अन्य वरिष्ठ वकील अबदुर्रज्जाक किलानी ने कहा, इस तरह के मामले में दंपति को अधिकतम सजा मिली है। बेन अली और लैला पर यहां की अदालतों में अभी और भी मुकदमे हैं। बेन अली के मुकदमों पर मिस्र की पैनी नजर है। मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक पर भी नागरिकों की हत्या के आरोप में मुकदमा चलाया जाना है। सजा सुनाने वाले जज तौहामी हफियान ने बेन अली और उनकी पत्नी पर साढ़े छह करोड़ डॉलर (लगभग तीन सौ करोड़ रुपये) का जुर्माने भी लगाया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थो और हथियारों की तस्करी जैसे आरोपों पर 30 जून को फैसला सुनाया जाएगा।
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