Saturday, June 4, 2011

बेलगाम आइएसआइ ने ही कराई शहजाद की हत्या

पत्रकार सैयद सलीम शहजाद की हत्या में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के इंकार पर एक प्रमुख अखबार के प्रकाशक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया है कि शहजाद को आइएसआइ ने तीन बार जान से मारने की धमकी दी थी। डॉन मीडिया समूह के प्रमुख हमीद हारुन ने कहा है कि शहजाद ने उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बताया था कि पिछले पांच वर्षो में आइएसआइ के अधिकारी कम से कम तीन बार उन्हें जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा है कि सरकार और खुफिया एजेंसियों को शहजाद की हत्या की जांच को गंभीरता से लेना चाहिए और उनके अंतिम बयान को भी करीब से परखना चाहिए। आइएसआइ कानून से ऊपर नहीं है। पत्रकार संगठनों और मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि आइएसआइ शहजाद के अपहरण और हत्या में शामिल है। हालांकि एजेंसी ने इन आरोपों का खंडन किया है। शहजाद ने लेख में अलकायदा और पाकिस्तानी नौसेना के बीच साठगांठ का जिक्र किया था। एशिया टाइम्स ऑनलाइन के पाकिस्तान ब्यूरो चीफ शहजाद रविवार शाम को इस्लामाबाद स्थित अपने घर से निकलने के बाद लापता हो गए थे। उनका शव सोमवार को पंजाब प्रांत में एक नहर से बरामद हुआ था। उस पर चोट के कई निशान थे। पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि सरकार को शहजाद के मामले की जांच के लिए आयोग गठित करना चाहिए। ऑल पाकिस्तान न्यूजपेपर सोसाइटी के अध्यक्ष हारून ने कहा कि शहजाद ने लापता होने से पहले ह्यूमन राइट्स वाच (एचआरडब्ल्यू), एशिया टाइम्स आनलाइन और अपने पूर्व नियोजक (हारून) को ईमेल भेजे थे। उनका कहना है कि शहजाद की ओर से मीडिया में तीन लोगों को यह जानकारी देने का उद्देश्य आइएसआइ को बदनाम करना नहीं बल्कि अपनी परेशानी बताना था।

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