Thursday, June 16, 2011

वतन वापसी की गुहार लगा रहे भारतीय कामगार

तमाम सरकारी कोशिशों के बावजूद मध्य एशियाई मुल्कों में भारतीय कामगारों के शोषण का सिलसिला नहीं थम पा रहा है। हेल्प लाइन नंबर से लेकर द्विपक्षीय समझौते जैसे इंतजामों को बावजूद बेहतर रोजगार की आस में जा रहे भारतीयों के साथ धोखाधड़ी जारी है। ऐसे ही कुचक्र का शिकार बने उत्तर प्रदेश और बिहार के 17 कामगार इन दिनों रियाद में सड़क पर रहने को मजबूर हैं। निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनी अल कायद कांटै्रक्टिंग लिमिटेड से जुड़े बिहार में सासाराम के रहने वाले खुर्शीद आलम ने दैनिक जागरण को फोन पर बताया कि बीते डेढ़ साल से दक्षिण एशिया से आए 30 कामगारों का शोषण हो रहा है। इनमें से 23 भारतीय हैं जो वतन वापसी के लिए जिद्दोजहद कर रहे हैं। आलम आरोप लगाते हैं कि इस दौरान सऊदी श्रम अदालत से लेकर भारतीय दूतावास तक गुहार लगाने के बावजूद अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। इस संदर्भ में उन्होंने विदेश मंत्रालय में भी गुहार लगाई है। भारतीय कामगारों की शिकायत है कि अनुबंध की अवधि पूरी होने के बाद भी कंपनी का प्रबंधन न तो उन्हें छोड़ रहा है और न ही वेतन दे रहा है। वहीं कानूनी विवाद के बाद 26 मई को कंपनी प्रबंधन ने इन लोगों से रिहायशी सुविधा भी छीन ली जिसके बाद यह लोग सड़क पर रहने को मजबूर हैं जिनमें कुछ लोगों का स्वास्थ्य भी बिगड़ गया है। भारत से 2008 में सऊदी आए आलम कहते हैं कि प्रबंधन ने अनुबंध में तो उन्हें एक हजार सऊदी रियाल प्रतिमाह वेतन देने का वादा किया था। लेकिन न तो कभी उन्हें वादे के मुताबिक वेतन दिया गया और न ही हर माह भुगतान किया गया। बताया जाता है कि शोषण का शिकार हुए इन लोगों में से कुछ लोग तो पांच साल से इस तरह का बर्ताव भुगत रहे हैं। धोखाधड़ी का शिकार हुए कामगारों में उत्तरप्रदेश के 12, बिहार से पांच तथा आंध्रप्रदेश के दो तथा पश्चिम बंगाल व उत्तरांचल का एक व्यक्ति है। हालांकि इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार वहीं वर्ष जी-20 श्रम मंत्रियों की बैठक के दौरान उठे शोषण के मामलों पर सऊदी अरब के श्रम मंत्री अब्दुल वाहैद के अल-हुमैद ने कहा था कि अक्सर अधिकारों की जानकारी न होने के कारण कामगार इसी स्थिति में फंसते हैं। उनका कहना था कि अधिकतर मामलों में कामगारों को उनके मुल्क से सऊदी भेजने वाली कंपनी असलियत छुपा लेती है जिसके कारण समस्या बढ़ती है। उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में भारत के करीब 20 लाख कामगार हैं। यह पहली बार नहीं है कि भारतीय कामगारों के साथ वहां की कंपनियों ने धोखाधड़ी की हो।

No comments:

Post a Comment