Wednesday, June 15, 2011
गद्दाफी ने महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म को हथियार बनाया
अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत के वकील ने कहा है कि लीबिया के तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी ने दुष्कर्म को लोकतंत्र समर्थक महिलाओं के खिलाफ हथियार के तौर इस्तेमाल किया है। उन्होंने दुष्कर्म के लिए सैनिकों को वियाग्रा जैसी दवाएं भी मुहैया करवाई। हालांकि इस तरह के आरोप उन पर पहले भी लगाए जाते रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय अदालत के वकील लुईस मोरेनो ओकैंपो ने अब उनके खिलाफ सुबूत मिलने की बात कही है। ओकैंपों को उम्मीद है कि गद्दाफी को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए अदालत का फैसला जल्द ही आएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बलात्कार की सजा देने के पीछे गद्दाफी का मकसद था कि इससे उनमें डर पैदा होगा और विरोधी स्वर नहीं उठेंगे। ब्रिटिश अखबार डेली मेल के अनुसार, ओकैंपो ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर में मीडिया को बताया कि वह गद्दाफी के खिलाफ काफी सुबूत एकत्र कर चुके हैं। मार्च के महीने में लीबिया की एक महिला, एमान अल ओवैदी, ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था जब वह त्रिपोली के एक होटल में बदहवास सी घुसीं और कहा कि गद्दाफी के सैनिकों ने उनके साथ बलात्कार किया है। फिलहाल वह रोमानिया के शरणार्थी शिविर में अपना इलाज करवा रही है। भारत ने लीबिया को दी 13 करोड़ रुपये की मदद संयुक्त राष्ट्र : भारत ने बृहस्पतिवार को लीबिया को 30 लाख डॉलर (करीब 13.4 करोड़ रुपये) की मानवीय सहायता देने का एलान किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन ने यह घोषणा की। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय के माध्यम से 10 लाख डॉलर नगद भेजे जाएंगे, जबकि शेष 20 लाख डॉलर की राहत सामग्री और दवाएं बेनगाजी और त्रिपोली को बराबर मात्रा में भेजी जाएंगी। गद्दाफी की सेना ने मिस्राता पर फिर किया हमला बेनगाजी : गद्दाफी की सेनाओं ने बृहस्पतिवार को देश के तीसरे सबसे बड़े शहर मिस्राता पर हमला किया। जवाबी हमले के तौर पर नाटो सेना की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोकतंत्र समर्थकों के प्रवक्ता हसन अल गलाई ने बताया कि दो से तीन हजार सैनिकों के इस हमले में 10 लड़ाकों की मौत हो गई और 26 घायल हो गए। जबकि यहां नाटो सेनाओं के युद्धक टैंक और रॉकेट लॉन्चर तैनात होने के बावजूद कोई जवाबी हमला नहीं किया गया.
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