Wednesday, June 15, 2011
अमेरिका ने हेडली से सौदेबाजी का किया बचाव
मुंबई हमले के साजिशकर्ता पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली के साथ डील का अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने बचाव किया है। डील के मुताबिक गवाह बनने के बदले उसे न तो उसे मौत की सजा दी जा सकती है और न ही उसे भारत, पाकिस्तान और डेनमार्क को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। पिछले सप्ताह शिकागो की अदालत में चले मुकदमे के मुख्य अभियोजक का कहना है कि हेडली के पास से मिली जानकारियां अमूल्य हैं और उसे भविष्य में भी आतंकी मुकदमों में गवाह के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। शिकागो की अदालत ने पिछले दिनों हेडली की गवाही के बावजूद मुंबई हमले के आरोपों में पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को बरी कर दिया था। जबकि उसे पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की मदद करने और डेनमार्क में हमले की साजिश रचने के आरोपों में दोषी ठहराया गया। राणा के वकील ने जिरह के दौरान कोर्ट में कहा था कि अभियोजन पक्ष द्वारा राणा के खिलाफ एक पूर्व ड्रग डीलर और डीईए के मुखबिर हेडली का इस्तेमाल वैसे ही जैसे एक छोटी मछली को पकड़ने के लिए व्हेल का प्रयोग करना। प्रोपब्लिका के साथ फोन पर बातचीत में अमेरिकी अटार्नी पैट्रिक फिट्जगेराल्ड ने कहा कि आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के अंदरुनी क्रियाकलापों के बारे में हेडली ने जो सूचनाएं दी हैं वे अप्रत्याशित हैं। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा के साजिद मीर और अल कायदा प्रमुख इलियास कश्मीरी जैसे भगोड़ों के खिलाफ भविष्य में चलने वाले मुकदमों में हेडली की मदद ली जाएगी। हालांकि फिट्जगेराल्ड ने हेडली का मार्गदर्शन करने वाले आइएसआइ के अधिकारी मेजर इकबाल के बारे में कोई भी जानकारी राजनीतिक रूप से संवेदनशील बताते हुए देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि राणा के अलावा भी हेडली से काफी सूचनाएं मिली हैं। इस तरह के शख्स के साथ समझौता न कर हम गलती करते, जिसका न सिर्फ इलियास कश्मीरी बल्कि साजिद मीर और मेजर इकबाल के साथ मेलजोल था। उसके पास आतंकी संगठनों और उनकी साजिशों के बारे में बहुतायत जानकारी है। उसने हमें भारत में 34 अन्य जगहों के बारे में बताया, जो कि आतंकियों के निशाने पर थे। वहीं, राणा के वकील चार्ली स्विफ्ट ने फोन पर बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि हेडली ने राणा को गलत तरीके से फंसाया और सरकार को भी मूर्ख बनाया। स्विफ्ट ने कहा कि इसमें संदेह है कि पाकिस्तान में बैठे मुख्य संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकेगा। एफबीआइ के पास मेजर इकबाल और दूसरे मास्टरमाइंड से जुड़ी काफी जानकारियां हैं, पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेरिकी दबाव का पाकिस्तान ने विरोध किया है। लश्कर ने दिखाए थे गुजरात दंगे के वीडियो वाशिंगटन, एजेंसी : पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने मुंबई आतंकी हमले के सह आरोपी डेविड हेडली को भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ने के लिए 2002 के गुजरात दंगों के वीडियो दिखाए थे। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी हेडली उर्फ दाऊद गिलानी ने पिछले दिनों शिकागो की अदालत में अपने बयान में कहा था कि गुजरात दंगों को लेकर उनके बीच अक्सर चर्चा होती थी। लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने हेडली को आतंकी अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया था। सरकारी वकील द्वारा हेडली से यह पूछे जाने पर कि क्या गुजरात दंगों ने उसे भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ने के लिए प्रेरित किया तो उसने इसका जवाब हां में दिया था।
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