Wednesday, June 29, 2011
महिलाओं के लिए खतरनाक देश है भारत
अधिक संख्या में महिला भ्रूण हत्या, शिशु हत्या और मानव तस्करी होने के चलते भारत विश्व में चौथे सबसे खतरनाक स्थान पर आ गया है। सबसे तकलीफदेह बात यह है कि यह आंकड़े भारत की मौजूदा छवि के एकदम विपरीत हैं। महिलाओं के अधिकारों के लिए कानूनी सूचना और कानूनी सहायता केंद्र थामसन रायटर ट्रस्टला वूमेन की ओर से कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार विश्व में अफगानिस्तान महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक स्थान है। इसके बाद महिलाओं के लिए खतरनाक देशों में डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन ऑफ कांगो, पाकिस्तान, भारत और सोमालिया का स्थान आता है। इनमें से तीन देश दक्षिण एशिया में हैं। इस सर्वेक्षण में पांच महाद्वीपों के इस क्षेत्र से संबंधित 213 विशेषज्ञों से देशों को कुल मिलाकर खतरों के मुताबिक देशों को सूचीबद्ध करने को कहा गया था। इन विशेषज्ञों से देशों को सूचीबद्ध करते समय छह मुख्य खतरों की श्रेणियों को ध्यान में रखने को कहा गया था जिनमें स्वास्थ्य खतरे, यौन हिंसा, गैर यौन हिंसा, संस्कृति, परंपरा अथवा धर्म में पालन की जाने वाली हानिकारक प्रथाओं, आर्थिक संसाधनों तक पहंुच में कमी और मानव तस्करी शामिल है। सर्वेक्षण में कहा गया, भारत मुख्यत: बालिका भू्रण हत्या, शिशु हत्या और मानव तस्करी के कारण चौथे स्थान पर है। सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2009 में भारत के गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने टिप्पणी की थी कि भारत में कम से कम 10 करोड़ लोग मानव तस्करी में शामिल हैं। सीबीआई का अनुमान है कि वर्ष 2009 में करीब 90 प्रतिशत मानव तस्करी देश के अंदर हुई तथा देश में करीब 30 लाख वेश्याएं थीं जिनमें से 40 प्रतिशत बच्चे थे। अन्य तरह के उत्पीड़नों में जबर्दस्ती श्रम कराना और जबर्दस्ती विवाह शामिल है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के अनुसार, भारत में माना जाता है कि गत सदी के दौरान बालिका भ्रूण हत्या और शिशु हत्या के चलते पांच करोड़ लड़कियां गायब हैं। ट्रस्ट लॉ नाम की एजेंसी के विश्व भर में कराए सर्वे में पांच महाद्वीपों में महिलाओं की दुगर्ति ना सिर्फ सामाजिक, आधार पर है बल्कि उनके खिलाफ हिंसा और अपराध के मामले भी पहले से अत्यधिक हैं.
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