Thursday, September 8, 2011

पीएम के बांग्लादेश दौरे से ममता ने किया किनारा


, कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बांग्लादेश दौरे से किनारा कर लिया है। पीएम के साथ पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को बांग्लादेश जाना है, जहां तीस्ता व फेनी नदी के जल बंटवारे समेत वर्षो से लंबित सीमा समस्या, छींटमहल के हस्तांतरण के समझौते पर हस्ताक्षर होने हैं। बताया जाता है कि दीदी को तीस्ता जल बंटवारे पर आपत्ति है, इसीलिए उन्होंने दौरे का बहिष्कार किया है। उनके इंकार ने केंद्र को दुविधा में डाल दिया है। मुख्यमंत्री ने पीएमओ को पत्र भेज बांग्लादेश न जाने की जानकारी दी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत,पीएम के साथ चार राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली से बांग्लादेश पहुंचने वाले हैं, जबकि ममता को छह अगस्त को कोलकाता से ढाका पहुंचना था। हालांकि ममता ने दौरा स्थगित करने के पीछे दुर्गापूजा, बाढ़ के अलावा कई कारण बताए हैं,लेकिन सूत्रों का कहना है कि उन्हें तीस्ता जल बंटवारे के समझौते के प्रारूप पर आपत्ति है। प्रारंभ में करार का जो मसौदा तय हुआ था, उसमें बांग्लादेश को 23 हजार क्यूसेक पानी देने का प्रस्ताव था, लेकिन केंद्र ने राज्य सरकार को करार का अंतिम प्रारूप भेजा, उसमें 30 हजार क्यूसेक जल छोड़ने की बात सामने आयी। बनर्जी ने करार से राज्य का हित प्रभावित होने की आशंका जतायी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव ने पीएमओ को पत्र भेज कर सूबे के नकारात्मक रुख से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि जल बंटवारे पर नाराजगी जताने के लिए मुख्यमंत्री ने पीएम के साथ दौरे पर जाने से मना कर दिया था। इसके बाद मनमोहन सिंह ने दीदी को मनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, केंद्रीय जल संसाधन सचिव और केंद्रीय खुफिया एजेंसी प्रमुख को कोलकाता भेजा था। इसके बावजूद दीदी नहीं मानी।



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