Friday, September 23, 2011

लक्ष्मण रेखा न लांघे कोर्ट

 नई दिल्ली 2जी घोटाले में सुप्रीम कोर्ट में पेश नये दस्तावेज गृह मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। सीबीआइ इन दस्तावेजों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश कर सकती है। हालांकि इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआइ और केंद्र सरकार ने चिदंबरम का खुलकर बचाव किया, लेकिन लिखित बयान दाखिल कर केंद्र ने कहा,सीबीआइ नये दस्तावेजों की जांच करेगी। केंद्र ने शीर्ष अदालत में लक्ष्मण रेखा न लांघने का तर्क देने के साथ ही मामले की निगरानी बंद करने का अनुरोध भी किया। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी व एके गांगुली की पीठ के समक्ष सुब्रमण्यम स्वामी की अर्जी पर सुनवाई में केंद्र के वकील पीपी राव ने गुरुवार को पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा, आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सुप्रीमकोर्ट को निगरानी बंद कर देनी चाहिए। आगे मामले पर सिर्फ ट्रायल कोर्ट विचार कर सकता है। उन्होंने कहा, सुप्रीमकोर्ट की निगरानी की कोई लक्ष्मण रेखा तय होनी चाहिए। उनकी दलील पर कोर्ट की टिप्पणीं थी कि लक्ष्मण रेखा सीमित उद्देश्य के लिए होती है। कोर्ट ने हल्के -फुल्के अंदाज में कहा कि अगर सीता ने लक्ष्मण रेखा नहीं लांघी होती तो राक्षसों का दमन नहीं होता। कोर्ट का इशारा सीमा में न बांधने की ओर था। राव ने कोर्ट में एक लिखित नोट भी दिया जिसमें कहा गया है कि अगर जांच अधिकारी के पास कुछ नये दस्तावेज आते हैं तो सीबीआइ अपने कर्तव्य का निर्वाह करेगी। स्वाभाविक है कि सीबीआइ सुप्रीमकोर्ट में दाखिल ताजा दस्तावेजों की जांच और अध्ययन करेगी और हो सकता है कि अगली स्थिति रिपोर्ट उस पर हो। सीबीआइ के वकील वेणुगोपाल ने चिदंबरम का बचाव करते हुए कहा कि वित्तमंत्री लाइसेंस नहीं रद कर सकते थे वे सिर्फ कीमत तय कर सकते थे। अकेले वित्तमंत्री पर आक्षेप नहीं लगाये जा सकते हैं क्योंकि वे अकेले निर्णय नहीं ले सकते। ऐसे तो तत्कालीन वित्त सचिव सुब्बा राव भी बराबर के जिम्मेदार हैं क्योंकि वे भी निर्णय में शामिल थे। उन्होंने कहा कि अन्यथा लोकतंत्र को खतरा पैदा हो जाएगा। कोर्ट के जांच का आदेश देने का परिणाम ठीक नहीं होगा। ऐसे में नीतिगत मामलों में निर्णय लेना मुश्किल हो जाएगा। अत: सिस्टम को काम करने दिया जाए। अगर इसमें दखल दिया गया तो वह फेल हो जाएगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वे कोर्ट की निगरानी का विरोध नहीं कर रहे हैं। स्वामी की अर्जी में 2जी घोटाले में गृहमंत्री चिदंबरम की भूमिका की सीबीआइ जांच की मांग की गई है। स्वामी ने बुधवार को सुप्रीमकोर्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया वित्त मंत्रालय का नोट व अन्य दस्तावेज दाखिल किये थे जिनमें 2जी स्पेक्ट्रम की कीमतें तय करने में तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के भी शामिल होने की बात कही गयी है। मंगलवार को फिर सुनवाई होगी। (पेज-3 भी देखें

No comments:

Post a Comment