Monday, September 19, 2011

सिक्किम में भूकंप ने दिल्ली को भी हिलाया 15 मरे, सैकड़ों घायल

नई दिल्ली रविवार शाम पूरा उत्तर भारत भूकंप के झटकों से थर्रा उठा। रिक्टर स्केल पर 6.8, 5.7 और 5.3 तीव्रता के तीन झटकों वाले इस भूकंप से कई मकान गिर गए और हजारों में दरारें पड़ गईं। इस भूकंप का केंद्र सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 64 किमी भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र था। आपदा की चपेट में आकर 15 की मौत हो गई तथा 50 से ज्यादा घायल हो गए। आपात स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली व अन्य शहरों से एनडीआरएफ की आधा दर्जन से ज्यादा टीमें व वायुसेना के विमान राहत व बचाव सामग्री के साथ पूर्वोत्तर रवाना किए गए हैं। पड़ोसी देश नेपाल और बांग्लादेश के भी विभिन्न इलाकों में भूकंप के कारण अफरातफरी मच गई। मौसम विभाग के अनुसार, भारतीय समयानुसार शाम छह बजे से साढ़े छह के बीच भूकंप के तीन झटके दर्ज किए गए। इनमें सबसे तेज झटके की तीव्रता 6.8 आंकी गई जिसका केंद्र धरती से 10 किमी नीचे था। इसके बाद 5.7 और 5.3 के झटके दर्ज किए गए। धरती डोलने से राजधानी दिल्ली में सनसनी फैल गई। वहीं पूर्वोत्तर इलाके में अपने परिजनों से संपर्क करने में भी खासी परेशानी महसूस करनी पड़ी। भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील जोन-4 में स्थित दिल्ली में महज दो हफ्तों के दौरान दूसरी बार महसूस किए गए झटकों ने हड़कंप फैला दिया। इससे पहले 7 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आए 4.2 तीव्रता वाले भूकंप का केंद्र हरियाणा के गुभाना से पूर्व में एक किमी दूर और जमीन से आठ किमी नीचे स्थित था। वहीं, भूकंप के लिहाज से संवेदनशील पूर्वोत्तर क्षेत्र में जलजले के बाद पीएमओ के साथ पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र हरकत में आया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग से बात कर केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही प्रधानमंत्री के निर्देश पर कैबिनेट सचिव ने आपदा प्रबंधन की आपात बैठक कर हालात की समीक्षा की। कैबिनेट सचिव अजित सेठ ने मीडिया से बातचीत में कहा, एनडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव सामग्री के साथ वायुसेना के विमानों से रवाना किए जा रहे हैं। सेना, सीमा सड़क संगठन को भी बचाव कार्य के लिए सतर्क किया गया है। वायुसेना के मुताबिक हिंडन एअर बेस से दो सी-130 जे एनडीआरएफ के दस्तों और राहत सामग्री के साथ बागडोगरा भेजे जा रहे हैं। आगरा से दो एएन-32 विमानों को कोलकाता रवाना किया गया है। एक एवरो विमान को भी संभावित जरूरत के लिए तैनात किया गया है

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