: प्रधानमंत्री ने अमेरिकी कांग्रेस के एक दल को बताया था कि परवेश मुशर्रफ के शासनकाल में भारत और पाक कश्मीर मुद्दे पर पर्दे के पीछे समझौते के स्तर तक पहुंच गए थे। विकिलीक्स की ओर से अमेरिकी दूतावास की गोपनीय बातचीत के खुलासे में कहा गया है कि मनमोहन सिंह ने अप्रैल 2009 में आए अमेरिकी कांग्रेस के एक शिष्टमंडल को बताया कि फरवरी 2007 से पहले भारत और पाकिस्तान ने काफी प्रगति की थी। फरवरी 2007 के बाद मुशर्रफ परेशानियों से घिर गए थे। सिंह ने शिष्टमंडल से कहा, पर्दे के पीछे की कवायद में हम सहमति के स्तर तक पहुंच गए थे। इस आशय का केबल संदेश अमेरिकी अधिकारी पीटर बरलीघ ने 21 अप्रैल 2009 को अमेरिकी विदेश विभाग में अपने शीर्ष अधिकारियों को भेजा था। इस संदेश के मुताबिक सिंह ने शिष्टमंडल से कहा कि मुशर्रफ मुक्त आवागमन और व्यापार सहित गैर सीमागत समाधान के बारे में मुशर्रफ सहमत हो गए थे। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत मजबूत, स्थिर, शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक पाकिस्तान चाहता है और पाकिस्तान की जमीन का एक इंच हिस्सा भी नहीं चाहता है। केबल संदेश में मनमोहन सिंह का हवाला देते हुए कहा गया है कि दूसरी तरफ पाकिस्तान घुसपैठ करने वालों का समर्थन करता है और उम्मीद करता है कि इस प्रकार से हजारों जख्म लगाकर वह भारत की एकजुटता को कमजोर कर सकेगा।
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