झांसी विदेश में जमा काला धन की वापसी एवं देश से भ्रष्टाचार समाप्त करने के संकल्प के साथ योगगुरु बाबा रामदेव ने मंगलवार को भारत स्वाभिमान यात्रा का दूसरा चरण तो शुरू कर दिया लेकिन इस बार उनके तेवर बदले दिखे। यूपी की मुख्यमंत्री मायावती की प्रशंसा के साथ ही दो टूक कहा,उन्हें किसी राजनीतिक दल से चरित्र प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है, क्योंकि जिनका खुद कोई चरित्र नहीं है वे उन्हें क्या प्रमाणपत्र देंगे। बाबा रामदेव ने झांसी के एलवीएम मैदान में सुबह पांच बजे योग कक्षा लगा कर लोगों को विभिन्न आसान सिखाए। साथ ही आयोजन के लिए बसपा सुप्रीमो और राज्य की मुख्यमंत्री मायावती को धन्यवाद ज्ञापन पे्रषित किया। उन्होंने कहा, मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि बाबा अपने पाप छिपाने के लिये स्वाभिमान यात्रा शुरू कर रहे हैं। यदि योग सिखाना, बीमारियां दूर करना और भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलना पाप है, तो मैंने ऐसा किया है। कई लोग उनके कार्यक्रम को विफल कराने का प्रयास कर रहे हैं, मगर वह किसी दल या व्यक्ति का नाम न लेते हुए आगे बढ़ते जाएंगे। बाबा ने राजनीतिक पार्टियों पर प्रहार करते कहा कि जिनका खुद का कैरेक्टर ही नहीं है, उनसे उन्हें कैरेक्टर सर्टिफिकेट नहीं लेना। इतना ही नहीं, नेपाली मूल होने के मुद्दे पर आचार्य बालकृष्ण का बचाव करते हुए नेपाल सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र दिखाया, जिसमें कहा गया कि वह नेपाल के नहीं हैं। बाबा ने कहा, नेपाल-भारत का आध्यात्मिक संबंध है। भारतीय मूल के 70 से 80 लाख नेपाली हैं और नेपाली मूल के करीब एक करोड़ भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें न्याय व्यवस्था में पूर्ण आस्था है। शिविर में ध्यान के उपरांत आचार्य बालकृष्ण ने लोगों से भारत स्वाभिमान यात्रा को समर्थन देने की अपील की। इससे पहले बाबा ने झांसी के किले का भ्रमण कर रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को याद किया
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