Thursday, September 29, 2011

ब्लड मनी देकर छूटे भारतीय फिर शारजाह जेल भेजे गए


चार करोड़ से ज्यादा की ब्लड मनी देकर सजा-ए-मौत से बचे 17 भारतीयों की वतन वापसी में नई बाधा खड़ी हो गई है। घटना में घायल दो पाकिस्तानी नागरिकों की ओर से मुआवजा मांगे जाने से उन्हें फिर शारजाह जेल में डाल दिया गया है। पंजाब और हरियाणा के रहने वाले इन भारतीयों को सजा माफ होने के बाद बीते शनिवार को भारत लौटना था। शारजाह में जनवरी, 2009 में शराब के अवैध कारोबार को लेकर दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में पाकिस्तानी नागरिक एम नाजिर खान की मौत हो गई थी। इस घटना में मुश्ताक अहमद और शाहिद इकबाल नामक दो पाकिस्तानी घायल भी हुए थे। स्थानीय अदालत ने इस मामले में 17 भारतीयों को मौत की सजा सुनाई थी। दुबई में बसे होटल व्यवसायी एसपी सिंह ओबेराय ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहे भारतीय समुदाय की मदद से पीडि़त परिवार को ब्लड मनी चुकाकर इन भारतीयों की सजा माफ करवाई थी। ओबेराय ने बुधवार को यहां बताया कि अब मुश्ताक अहमद और उसके भाई शाहिद इकबाल ने दीवानी अदालत में मुआवजे का दावा ठोंक दिया है। उन्होंने अपनी चोटों के लिए 15 लाख दिरहम (करीब एक करोड़ 90 लाख रुपये) की मांग की है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक भारतीयों पर यात्रा संबंधी पाबंदी लगाते हुए उन्हें शारजाह की जेल में रखने का आदेश दिया है।

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