अफगानिस्तान की राजधानी में अमेरिकी दूतावास पर हुए तालिबानी हमले ने काबुल में अपने दूतावास पर दो हमले झेल चुके भारत की चिंता बढ़ा दी है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई काबुल के दौरे पर हैं। सरकारी सूत्रों ने काबुल के नाजुक हालात के बीच भारतीय विदेश सचिव की खैरियत की पुष्टि की है। साथ ही सरकारी सूत्रों ने अफगानिस्तान में सभी भारतीयों के सुरक्षित होने की भी तस्दीक की है। सूत्रों का कहना है कि ताजा हमले का निशाना अमेरिका है। लेकिन मौजूदा स्थिति ने अफगानिस्तान में मौजूद भारतीय हितों को लेकर चिंता जरूर बढ़ाई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जुलाई 2009 और अक्टूबर 2008 में भारतीय दूतावास को आतंकी हमले का निशाना बनाया जा चुका है। लंबे समय से युद्ध विभीषिका झेल रहे अफगानिस्तान को भारत पुननिर्माण कार्यो में मदद कर रहा है। अफगानिस्तान में करीब चार हजार भारतीय मौजूद हैं
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