: चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने पर भारत की चिंता को लेकर भले ही आश्वासन दे दिया है, लेकिन वह उस आपदा से कैसे निपटेगा जो उसके 40 हजार बांधों में पड़ी दरारों और टूटने पर उत्पन्न हो सकती है। एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, उसके 40 हजार बांधों पर टूटने का खतरा मंडरा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो चीन की अधिकांश कृषि योग्य भूमि, रेल यातायात, इमारतें तबाह हो जाएंगी। चीन की सरकारी पत्रिका चाइना इकोनॉमिक वीकली में सरकारी अधिकारी जू युआनमिंग के हवाले से यह चौंकाने वाली रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार तुरंत हरकत में आ गई। सरकार ने पुराने पड़ चुके बांधों की मरम्मत के लिए 590 करोड़ डॉलर (करीब 27 हजार दो सौ करोड़ रुपये) का बजट जारी किया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगले पांच साल के भीतर सभी 87 हजार बांधों को सुरक्षित बना लिया जाएगा। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने छठे और सातवें दशक में कई बांध बनवाए थे। देश को सूखे और बाढ़ से बचाने के लिए बड़ी जल्दबाजी में ये बांध बनवाए गए थे। रपोर्ट में बताया गया है, उस जमाने में तकनीक काफी सीमित थी। तब चीन की अर्थव्यवस्था में भी उतना उछाल नहीं था। इस वजह से अधिकांश बांधों की गुणवत्ता निर्माण मानकों पर उतनी बेहतर नहीं है जितनी आज होती है।
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