Monday, August 29, 2011

चीन ने भारतीय सीमा पर तैनात कीं अत्याधुनिक मिसाइलें


चीन की बढ़ती सैन्य ताकत भारत के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में दावा किया है कि चीन ने भारतीय सीमा पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस सीएसएस-5 एमआरबीएम मिसाइलें तैनात की हैं। इससे दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने पहले भारतीय सीमा पर तरल ईधन वाली सीएसएस-2 आइएमबीएम मिसाइलें तैनात कर रखी थीं। रिपोर्ट के अनुसार बीजिंग अपनी सीमा के बुनियादी ढांचे के विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। भारत-चीन सीमा के निकट कई सड़क और रेल नेटवर्क बनाए गए हैं। हालांकि यह निर्माण कार्य पश्चिमी चीन में आर्थिक विकास के मकसद से किए गए हैं, लेकिन यह पीएलए के रक्षा अभियानों में मददगार साबित होंगे। पेंटागन ने कहा कि चीन के पाकिस्तान से नजदीकी सैन्य संबंधों, हिंद महासागर, मध्य एशिया और अफ्रीका में भी बढ़ते दखल को लेकर भारत की चिंता बनी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान पारंपरिक हथियारों को लेकर चीन का प्रमुख ग्राहक बना हुआ है। चीन की ओर से पाकिस्तान को जेएफ-17, हेलीकॉप्टर, टैंक, के-8 ट्रेनर्स, एफ-7 लड़ाकू विमान, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, पोत भेदी मिसाइलों के अलावा इसकी तकनीक मुहैया कराई गई है। भारत-चीन रिश्ते पर पेंटागन ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संवाद बढ़ा है, लेकिन सीमा पर तनाव में कमी नहीं आई है। अमेरिकी रक्षा विभाग का मानना है कि चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने पिछले साल अपनी नई दिल्ली यात्रा के दौरान मतभेदों को कुछ हद तक दूर करने का प्रयास किया था, लेकिन गंभीर बातों पर गौर नहीं किया।


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