अमृतसर पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद सरबजीत की रिहाई के लिए उसके परिजनों ने एक और प्रयास किया है। उन्होंने अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग का दरवाजा खटखटाया है। सरबजीत की बहन दलबीर कौर की ओर से दायर की गई याचिका को स्वीकार करते हुए आयोग ने गृह मंत्रालय व विदेश मंत्रालय को नोटिस भेजकर रिहाई के बाबत 30 दिनों में पूरी जानकारी मांगी है। यही नहीं आयोग ने केंद्र सरकार से बातचीत कर सरबजीत के परिजनों को नौकरी देने का भी भरोसा दिया है। पाकिस्तान की जेल में 21 साल से कैद सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर, बेटी स्वप्नदीप व पूनम ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग के वाइस चेयरमैन डा. राजकुमार के साथ शनिवार दोपहर सर्किट हाउस में मुलाकात की। राजकुमार ने बताया कि दलबीर कौर ने अपने भाई सरबजीत की रिहाई के बाबत एक सप्ताह पहले आयोग में याचिका दायर की है। उनकी याचिका स्वीकार कर ली गई है और उस पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। केंद्र सरकार के साथ भी सरबजीत की रिहाई के बाबत बातचीत की जाएगी। डॉ. राजकुमार ने कहा कि झूठे केस में पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद सरबजीत से मिलने के लिए आयोग की टीम भी वहां जाएगी। सरबजीत के परिजनों को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए सरकार से बातचीत हुई है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भी इस बाबत आयोग चिट्ठी लिखेगा। उन्होंने स्वप्नदीप व पूनम से सर्टिफिकेट जमा करने के लिए भी कहा।
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