Saturday, August 20, 2011

पाक ने फिर माना, भारत से खतरा नहीं


: भारत को सबसे बड़ा खतरा मानने वाले पाकिस्तान के रुख में बदलाव आया है। पहली बार पाकिस्तानी अधिकारियों ने स्वीकारा है कि पूर्वी सीमा से बड़ी संख्या में सैनिकों और सैन्य साजो-सामान को हटाने के बावजूद उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को भारत से कोई खतरा नहीं है। इन सैनिकों को पश्चिमी सीमा पर तैनात किया है। ताकि अलकायदा और तालिबान आतंकियों से लोहा ले सके। वाशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास ने कई देशों के राजनयिकों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के संदर्भ में जानकारी देने के दौरान यह बात स्वीकार की। अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वित्तीय सहायता और साजो-सामान समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की मदद करनी चाहिए। इस बैठक में भारत के रक्षा अधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। पाकिस्तानी राजनयिकों ने बताया कि भारतीय सीमा से सेना की पांच टुकडि़यों को हटाया गया है, जबकि अफगानिस्तान की सीमा से लगे कबाइली इलाकों में सात से नौ टुकडि़यां तैनात की गई हैं। राजनयिकों ने कहा कि पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर 450 तोपों और 142 टैंकों की तैनाती की गई है। एक राजनयिक ने कहा, इस घटनाक्रम ने उस धारणा को खारिज कर दिया है कि पाकिस्तान सेना पूर्वी सीमा को खुद के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानती है। इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और आइएसआइ प्रमुख शुजा पाशा ने भी भारत से खतरा न होने की बात कही थी।







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