Saturday, August 6, 2011

पीएम ने कहा,बांध मसले को बेवजह तूल देना ठीक नहींनई दिल्ली


ब्रह्मपुत्र की धारा पर चीन की बांध परियोजनाओं पर लगातार उठ रही चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री ने बीजिंग की नीयत पर भरोसा दिलाया है। पीएम ने चीन से मिले आश्वासन का हवाला देते हुए संसद को विश्वास दिलाया कि इन परियोजनाओं से भारत के हित प्रभावित नहीं होंगे। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बेवजह उकसावे और शक दोनों देशों के रिश्ते खराब कर सकते हैं। संसद में इस बाबत उठे सवाल में हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्री का कहना था कि इस संबंध में चीन के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ बात हो चुकी है। चीन ने आश्वस्त किया है कि वो कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगा जिससे भारत के हित प्रभावित हों। लिहाजा भारत को चीन से मिले आश्वासन पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने नदी जल बंटवारे को संवेदनशील मामला करार दिया। इससे पहले भाजपा सांसद कुसुम राय के सवाल पर जवाब दे रहे विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि ब्रह्मपुत्र पर चीन की बांध परियोजना के तथ्यों की पुष्टि की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि तिब्बत क्षेत्र में बन रही झांगमू बांध परियोजना को लेकर भारत ने भी अपने स्तर पर भी इसके तथ्य तलाशे हैं। सरकार इस बात से आश्वस्त है कि नदी की धारा के साथ बन रही बांध परियोजना भारत में आने वाले पानी को प्रभावित नहीं करेगी क्योंकि इसमें किसी तरह के जल भंडारण का प्रावधान नहीं है। ऐसे में असम और अरुणाचल प्रदेश के उपयोग के लिए ब्रह्मपुत्र का 80 फीसदी पानी फिर उपलब्ध होगा। इस कड़ी में सपा सांसद रामगोपाल यादव ने सवाल उठाया कि लगातार चीन से हो रही वार्ता के संदर्भ में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने क्या सकारात्मक उपाय किए। वहीं स्थिति स्पष्ट करने को खड़े हुए विदेश मंत्री ने बताया कि चीन के साथ नदी जल बंटवारे के संदर्भ में 2006 से एक तकनीकी विशेषज्ञ समूह की व्यवस्था है। समूह की छह बैठकें हो चुकी हैं और इसकी पिछली बैठक अप्रैल 2011 में ही हुई थी।

No comments:

Post a Comment