दिनभर चले नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अंतत: नेपाल के प्रधानमंत्री झलनाथ खनल ने रविवार की शाम राष्ट्रपति रामबरन यादव को इस्तीफा सौंप दिया। इससे पहले सोमवार को उनके इस्तीफा देने की संभावना थी, लेकिन शाम को हुई कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल की सेंट्रल कमेटी की बैठक में इस्तीफा देने संबंधी उनकी पूर्व घोषणा मंजूर हो जाने के बाद उन्होंने तुरंत राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंप दिया। प्रधानमंत्री खनल के इस्तीफे के साथ ही अगले सरकार के गठन की अनिश्चितता के बीच नेपाल में एक बार फिर राजनीतिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इससे देश के नए संविधान बनाने व शांति स्थापना की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी। खनाल ने पहली अगस्त को कहा था कि यदि वे गठबंधन सरकार के बीच प्रमुख मतभेदों पर सहमति नहीं बना सके तो वे 13 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। बाद में उन्होंने 10 अगस्त को संसद में भी अपना वादा दोहराया था। दूसरी ओर शनिवार को तय समय बीत जाने के बाद भी उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तथा वे लगातार अगली सरकार के लिए आम सहमति बनाने के लिए लगातार राजनीतिक दलों से बैठक कर बातचीत में जुटे हुए थे। रविवार को दिन में उन्होंने देश में संवैधानिक संकट की दुहाई देते हुए नई सरकार के गठन की आम सहमति बनने तक इस्तीफा नहीं देने की बात कही थी, लेकिन शाम होते-होते उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ा।
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