Friday, August 12, 2011

लंदन में दंगे थमे पर भारत की चिंता बरकरार


नई दिल्ली लंदन में दंगों की आग तो काबू में आ गई, लेकिन वहां मौजूद भारतीयों की हिफाजत को लेकर नई दिल्ली की चिंता कम नहीं हुई है। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस मामले पर लंदन स्थित उच्चायोग को ब्रिटेन में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हिदायत दी है। सूत्रों के मुताबिक कृष्णा ने उच्चायोग को भेजे अपने संदेश में भारतीय समुदाय के लोगों की हिफाजत के उपायों के लिए ब्रिटेन सरकार से बात करने को कहा है। साथ ही वहां मौजूद भारतीय क्रिकेट टीम के सुरक्षा उपायों पर भी ध्यान देने की ताकीद की है। इसमें न केवल खेल के दौरान, बल्कि टीम की आवाजाही और प्रैक्टिस के दौरान भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था कराना शामिल है। इस बारे में संपर्क करने पर उच्चायोग सूत्रों का कहना था कि लंदन में हालात धीरे-धीरे समान्य हो रहे हैं और भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क बनाये रखा जा रहा है। क्रिकेट टीम की सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर सूत्रों ने बताया कि ब्रिटेन सरकार ने यह भरोसा दिलाया है कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के साथ ही सबकी सुरक्षा मुकम्मल करने के उपाय हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि लगातार चार दिन चले दंगों में भारतीय समुदाय सुरक्षित है। दंगों ने जहां लंदन के उत्तर, उत्तर पूर्व, दक्षिण और दक्षिण पूर्व को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है वहीं, भारतीयों की आबादी अधिकतर पश्चिमी हिस्से में है, जहां हिंसक वारदातों का ज्यादा असर नहीं हुआ है। बहरहाल, लंदन और ब्रिटेन के कुछ अन्य हिस्सों में लूटमार, तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाओं के बाद उच्चायोग ने भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक भारतीय समुदाय के लोगों को मीडिया की खबरों पर नजर रखने, स्थानीय सरकार की सलाह पर गौर करने व प्रभावित इलाकों से दूर रहने को कहा गया है। गौरतलब है कि ब्रिटेन की छह करोड़ 18 लाख की आबादी में भारतीय मूल के लोगों की संख्या करीब 20 लाख है। वहीं इनमें से 40 फीसदी लोग बाहरी और भीतरी लंदन में रहते हैं। पश्चिमी और पूर्व मिडलैंड का इलाका भारतीय मूल के लोगों का गढ़ माना जाता है। ब्रिटेन में बीते ढाई दशक में अब तक के सबसे हिंसक दंगों ने पूरे मुल्क को सकते में डाल दिया है। भारी पुलिस प्रयोग के सहारे ब्रिटेन सरकार ने हालात को नियंत्रण में भले कर लिया हो, लेकिन स्थिति अब भी तनावपूर्ण है।



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