Tuesday, August 9, 2011

चीन का रक्षा बजट भारत से दोगुना


: चीन का रक्षा बजट भारत के मुकाबले दोगुना से भी अधिक है। रक्षा मंत्री के एंटनी ने सोमवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि चीन ने पिछले वर्ष अपनी सशस्त्र सेनाओं पर 78.63 अरब डॉलर (3 लाख 538 करोड़ रुपये) खर्च किए जबकि भारत का वर्ष 2010-2011 का रक्षा बजट मात्र 33.20 अरब डॉलर (1 लाख 494 करोड़ रुपये) था। यह पूछे जाने पर क्या भारत भी पड़ोसी देशों के रक्षा बजट में बढ़ोतरी को देखते हुए अपने बजट में बढ़ोतरी की योजना बना रहा है? इसके जवाब में एंटनी ने कहा कि रक्षा सेवाओं के लिए बजटीय प्रावधान सेना के आधुनिकीकरण, युद्ध क्षमता का विकास और पूरी राष्ट्रीय नीति के आकलन के आधार पर किया जाता है। इन्हें ध्यान में रखते हुए रक्षा सेवाओं के लिए वर्ष 2008-09 के 1 लाख 5 हजार 600 करोड़ रुपये के रक्षा बजट को बढ़ाकर वर्ष 2011-12 के लिए 1 लाख 64 हजार 415 करोड़ रुपये किया गया है। प्रतिशत के नजरिए से पाकिस्तान का रक्षा बजट वर्ष 2008 से 2010 के बीच तीन वर्षो में बढ़कर लगभग दोगुना हो गया। वर्ष 2008 में पाकिस्तान ने रक्षा मद में 3.43 अरब डालर (15 हजार 435 करोड़ रुपये) खर्च किए थे जो वर्ष 2010 में 6.40 अरब डालर (28 हजार 800 करोड़ रुपये) हो गया। ध्रुव का निर्यात : रक्षा राज्य मंत्री एम एम पल्लम राजू ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) ने एक वैश्विक निविदा के तहत एक्वाडोर को सात एएलएच धु्रव हेलीकॉप्टर निर्यात करने का ठेका हासिल किया है। पांच वर्षो में 620 सैनिकों ने की आत्महत्या रक्षामंत्री के एंटनी ने एक लिखित सवाल के जवाब में लोकसभा में कहा कि वर्ष 2007 से 11 के बीच आत्महत्या एवं साथी सैनिकों की हत्या के मामलों में 620 सैनिकों की जान गई है। इनमें 603 सैनिकों ने आत्महत्या की है और 17 की जान साथी या वरिष सैनिकों पर हमलों में गई है। इस वर्ष अब तक 72 सैनिकों की मौत ऐसे मामलों में हुई है। पिछले पांच वर्षो में वर्ष 2008 में सर्वाधिक 150 जवानों की आत्महत्या के कारण मौत हुई थी। चीन का रक्षा बजट भारत से दोगुना


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