अमेरिकी वित्त विभाग ने भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय के उस अनुरोध को खारिज कर दिया है। इसमें विदेशी खातों के बारे में घोषणा किए जाने की समय सीमा 31 अगस्त से बढ़ाकर 31 दिसंबर करने और घोषणा न करने के एवज में जुर्माने की राशि घटाने की मांग की गई है। ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजिन (गोपियो) की ओर से अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर को जून में दिए गए पत्र के जवाब में विभाग ने कहा, इस समय हम सभी करदाताओं के लिए समय सीमा बढ़ाने पर विचार नहीं कर सकते। जुर्मानों को घटाने के संदर्भ में गोपियो का अनुरोध खारिज करते हुए वित्त विभाग ने कहा है कि ऐसे खातों के बारे में 2011 की स्वैच्छिक खुलासे की पहल अघोषित संपत्ति वाले करदाताओं को समस्याओं के समाधान के लिए एक रास्ता मुहैया कराता है। गोपियों की उस शिकायत का जिक्र करते हुए, जिसमें कहा गया था कि स्वैच्छिक घोषणा की पहल के बारे में किसी नस्लीय समाचार पत्र और अन्य भाषाई सामुदायिक मीडिया में जानकारी प्रकाशित नहीं की गई थी। वित्त विभाग ने कहा कि उसने वेबसाइट आईआरएसडॉटजीओवी पर हिंदी सहित आठ विदेशी भाषाओं में इस बारे में जागरूकता के लिए सूचनाएं प्रकाशित की थी। विभाग ने कहा है, हमने पारंपरिक मीडिया के साथ ही ट्विटर जैसे सामाजिक मीडिया के जरिए भी सूचना जारी की है। हम इस प्रयास को 31 अगस्त, 2011 तक की समय सीमा तक जारी रखेंगे। गोपियो ने कहा कि भारतीय सामुदायिक संगठनों ने हालांकि तय किया है कि वे इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने के लिए वित्त विभाग पर अपना दबाव बनाते रहेंगे। जिन चार संगठनों ने इस मुद्दे पर अभियान छेड़ रखा है, उनमें गोपियो, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन अमेरिकन एसोसिएशंस, अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन व एशियन अमेरिकन होटल ओनर्स एसोसिएशन शामिल हैं।
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