Saturday, August 6, 2011

चीन ने जापान के उस रक्षा पत्र का कड़ा विरोध


किया जिसमें उसकी बढ़ती सैन्य क्षमता के खिलाफ चेतावनी दी गई है और दावा किया कि टोक्यो ने अप्रत्यक्ष उद्देश्यों के साथ गैर जिम्मेदाराना तरीके से कार्रवाई की है। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग यानशेंग ने जापान के श्वेत पत्र 2011 का हवाला देते हुए कहा, चीन अटल रूप से शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर दृढ़ है, पड़ोसी देशों के साथ मित्रतापूर्वक संबंध और भागीदारी बनाने की नीति से जुड़ा हुआ है और अपनी राष्ट्रीय रक्षा नीति में रक्षात्मक प्रकृति का पालन करता है। उन्होंने कहा कि चीन अपने राष्ट्रीय रक्षा व्यवस्था और सुरक्षाबलों को केवल इसलिए आधुनिक बना रहा है ताकि अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की जा सके और अपनी अर्थव्यवस्था तथा समाज का आसानी से विकास सुनिश्चित किया जा सके। चीन की आधिकारिक संवाद समिति शिन्हुआ ने उनके हवाले से कहा, हम आशा करते हैं कि जापानी पक्ष दोनों देशों के बीच संबंधों की पूरी स्थिति पर विचार करेगा और अपने पड़ोसी देशों के साथ आपसी विश्वास विकसित करने तथा क्षेत्र की शांति एवं स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए और प्रयास करेगा। वियतनाम के पास छह वर्ष में होगा पनडुब्बी बेड़ा हनोई, एजेंसी : वियतनाम के पास अगले छह वर्षो में पनडुब्बी बेड़ा होगा। रूस की मीडिया ने दिसंबर, 2009 में कहा था कि वियतनाम ने आधा दर्जन डीजल-इलेक्टि्रक पनडुब्बियां दो अरब डॉलर में खरीदने पर सहमति जताई है। उस वक्त वियतनाम ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की थी। वियतनाम के रक्षा मंत्री फुंग कुआंग थान ने कहा, आने वाले पांच से छह वर्षों में हमारे पास एक पनडुब्बी बेड़ा होगा। हमारी ओर से यह तैयारी आत्मरक्षा के उद्देश्य से की जा रही है। भारत को इस वर्ष मिग विमान सौंप देगा रूस मास्को, प्रेट्र : रूस भारत को 16 मिग विमानों की आपूर्ति इस वर्ष के अंत तक कर देगा। इन युद्धक विमानों को विमानवाहक पोत गोर्शकोव पर तैनात किया जाना है। यहां विमान निर्माता कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि इस पहले अनुबंध के तहत भारत को 11 मिग-29के/केयूबी विमानों की आपूर्ति पहले ही की जा चुकी है। दूसरी श्रृंखला की विमानों की आपूर्ति अगले वर्ष से शुरू होगी। रशियन एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (आरएसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सर्गेई कोरोत्कोव ने बताया कि पहले करार के तहत 16 जेट विमानों की आपूर्ति करनी थी। इनमें 12 एक सीट वाले युद्धक विमान मिग-29के और दो दो सीटों वाले प्रशिक्षक सह युद्धक विमान शामिल थे। इनमें से हमने 11 विमान, जिनमें 9 एक सीट वाले और दो दो सीट वाले थे, हम पहले ही भारतीय नौ सेना को सौंप चुके हैं। वर्ष 2010 में हुए करार के तहत दूसरे चरण में रूस भारतीय नौसेना को 29 मिग-29 के/केयूबी विमानों की आपूर्ति करेगा।

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