अवैध रूप से घुसपैठ कर सीमापार गए बंगाल का एक बाशिंदा बांग्लादेशी जेल में 20 वर्षो तक सजा काट कर मंगलवार को घर लौटा। उसे बांग्लादेशी अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत 30 साल कैद की सजा सुनाई थी, लेकिन उसके अच्छे चाल-चलन को देखते हुए 20 वर्षो तक जेल में रखने के बाद छोड़ दिया। 48 वर्षीय अमरेश विश्वास महानगर से सेट उत्तर चौबीस परगना जिले के अशोकनगर इलाके का रहने वाला है। उसकी जिन्दा रहने की आशा छोड़ चुके परिजनों ने अचानक अपने बेटे को देख फूले नहीं समा रहे हैं। नदिया जिले के पुलिस अधीक्षक एसआर मिश्रा ने बताया कि अमरेश अवैध रूप से जिले के बुरनपुर क्षेत्र के कुलोपाड़ा व तुंगी सीमा से बांग्लादेश में प्रवेश किया था। वह अपने किसी रिश्तेदार से मिलने के लिए गया था। कुछ दिनों बाद जब वह बस से दर्शना में चीनी मिल देखने के लिए जा रहा था उसी वक्त बांग्लादेशी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उस पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर बांग्लादेशी कोर्ट में पेश किया गया जहां न्यायाधीश ने विश्वास को 30 वर्ष कैद की सजा सुना दी। अमरेश ने बताया कि मेरे पास कोई हथियार नहीं था इसके बावजूद मुझे 30 वर्ष की सजा सुना दी गई। छुट्टी के संचय और अच्छे आचरण को देखते हुए 20 साल में ही छोड़ दिया गया। सोमवार को गेदे सीमा पर बीडीआर ने उसे बीएसएफ को सौंपते हुए कहा कि अमरेश को बांग्लादेश में दोषी पाया गया था और मेहरपुर जेल में बंद था। बाद में बीएसएफ ने नदिया पुलिस को सौंप दिया। बाद में पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन उसे साथ ले गए।
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