ब्रिटेन में भारतीय दंपति ने अपने नियोक्ता पर गैर कानूनी तरीके से नौकरी से बर्खास्त करने और जाति के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाया है। लॉ कंपनी में प्रबंधक रहे विजय बेगराज और उनकी पत्नी अमरदीप ने इस मामले में रोजगार न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया है। ब्रिटिश समाचार पत्र द टाइम्स के अनुसार इन दोनों पर अत्याचार इसलिए किया गया, क्योंकि बेगराज दलित हैं और उनकी पत्नी अमरदीप सिख जट्ट हैं। रिपोर्ट के अनुसार कार्यस्थल पर विकसित चार साल की दोस्ती के बाद दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया। अमरदीप के मुताबिक जब उनके नियोक्ताओं को उनके रोमांस के बारे में पता चला तब उनका करियर चौपट कर दिया गया। हीर मनक नामक कंपनी के उच्चाधिकारियों ने दोनों को शादी करने से रोकने का प्रयास किया। गुरुद्वारे में शादी के दौरान भी अमरदीप पर कटाक्ष किया गया और कहा गया, कैसे वह अपने से निचली जाति में शादी कर सकती है। इसके बाद अमरदीप को परेशान किया जाने लगा और उसे पिछले साल नौकरी छोड़नी पड़ी। कंपनी ने विजय को तो 2010 में ही निकाल दिया था। दूसरी ओर कंपनी ने इस दंपति के आरोपों का खंडन किया है। यह मामला ऐसे समय में प्रकाश में आया है जब ब्रिटेन की गृहमंत्री थेरेसा इस बात पर विचार कर रही हैं कि ब्रिटिश समानता कानून में नस्ल, लिंग, धर्म लिंगभेद के साथ जाति को शामिल किया जाए या नहीं। भारतीय टैक्सी चालक की हत्या करने वाले चीनी को 15 साल की कैद बीजिंग, एजेंसी : चीन की अदालत ने पिछले साल न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के टैक्सी चालक के हत्यारे को 15 साल कैद की सजा सुनाई है। ऑकलैंड के टैक्सी चालक 39 वर्षीय हिरेन मोहिनी की चीनी नागरिक ने किराए को लेकर बहस के चलते 31 जनवरी 2010 को हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शंघाई निवासी 24 वर्षीय श्याओ मौके से भाग गया। उसने चाकू घोंपकर हत्या की बात कबूली थी। शंघाई के सेकेंड इंटरमिडिएट कोर्ट ने श्याओ को दोषी ठहराते हुए आज यह सजा सुनाई। 15 साल कैद की सजा के अलावा श्याओ चार साल तक अपने राजनीतिक अधिकारों से वंचित रहेगा।
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