अरब सागर से होकर मध्य पूर्व के देशों के बीच चीन के आर्थिक कारोबार की दृष्टि से यह बंदरगाह एक प्रमुख केंद्र के तौर पर काम करेगा। पाकिस्तान की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में बंदरगाह के विकास के साथ ही इसे दूरसंचार, रेल, सड़क, और हवाई मार्ग से जोड़ना भी शामिल है। इस बंदरगाह की स्थापना भी पाकिस्तान ने चीन की मदद से ही की थी। ग्वादर बंदरगाह मध्य पूर्व और हिंद महासागर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है। चीन में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि चीन की ही मदद से ग्वादर बंदरगाह का निर्माण हुआ था और अब हम इसके विस्तार में भी चीन की भूमिका का स्वागत करते हैं। मसूद खान ने कहा ग्वादर बंदरगाह को रेल, सड़क और हवाई संचार जैसे बुनियादी ढांचे से जोड़ने के लिए जरूरी विकास किया जाना है। चाइना डेली ने मसूद खान के हवाले से बताया कि जब यह नेटवर्क ग्वादर से उरुम्की और बीजिंग तक चालू हो जाएगा तो इससे चीन के पास मध्य पूर्व और यूरोप के साथ व्यापार करने का विकल्प होगा। उन्होंने कहा कि पाक-चीन ऊर्जा, दूरसंचार, कृषि व कई अन्य क्षेत्रों में एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं।
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