Wednesday, May 18, 2011

अमेरिका ने पाकिस्तान को हाशिए पर रख तालिबान से वार्ता तेज की

ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अमेरिका-पाक संबंधों में पैदा हुआ तनाव कम होने के नाम नहीं ले रहा है। वैश्विक जेहाद का गढ़ कहे जाने वाले पाकिस्तान के कबाइली इलाके उत्तर वजीरिस्तान में मंगलवार को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के दो हेलीकॉप्टर घुस आने के बाद पाक सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। अमेरिकी नेतृत्व वाले नाटो के सैनिकों के साथ गोलीबारी में पाकिस्तान के दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। दूसरी ओर समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट ने खबर दी कि अमेरिका ने अफगान तालिबान के साथ वार्ता तेज कर दी है। व्हाइट हाउस ने अफगानिस्तान से जुलाई में चरणबद्ध सैन्य वापसी शुरू करने की घोषणा कर रखी है। पाकिस्तान कई वर्षो से तालिबान के साथ अमेरिकी वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का इच्छुक रहा है, लेकिन लादेन की मौत के बाद बदले समीकरण में अमेरिका ने पाक को हाशिए पर रख सीधे तालिबान से वार्ता के लिए कदम बढ़ा दिया है। एक वरिष्ठ अफगान अधिकारी ने बताया, हाल ही में कतर और जर्मनी में बैठकें हुई। इनमें एक अमेरिकी प्रतिनिधि शामिल हुआ था। ये बैठकें आठ या नौ दिनों पहले हुई थीं। बैठकों में मुल्ला मोहम्मद उमर का एक करीबी अधिकारी शामिल था। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता माइकल ए हैमर ने अफगान अधिकारी के बयान के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने इतना जरूर कहा, अफगानिस्तान और उस पूरे क्षेत्र में अमेरिका व्यापक स्तर पर संपर्क बनाए हुए है। हम उन संपर्कों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दे सकते। अखबार के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि जुलाई की समयसीमा से पहले इस बातचीत को कोई न कोई नतीजा निकलेगा। इसकी सूचना अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को दी जायगी। दूसरी ओर नाटो सैनिकों के साथ गोलीबारी के बारे में पाक के मुख्य सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने कहा कि नाटो हेलीकॉप्टरों ने मंगलवार तड़के उत्तर वजीरिस्तान में आदमी कोट सीमा चौकी पर वायुसीमा का उल्लंघन किया। अब्बास ने कहा, चौकी पर तैनात सैनिकों ने हेलीकॉप्टरों पर गोलियां चलाई। दोनों पक्षों के बीच चले संघर्ष में हमारे कम से कम दो सैनिक घायल हो गए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना ने इस घटना पर जबर्दस्त विरोध जताया है और फ्लैग बैठक की मांग की है। घटना पर अमेरिका ने कहा कि यह क्षेत्र तालिबान और अलकायदा के आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना है। ये तत्व सीमापार से अफगानिस्तान में नाटो बलों को लगातार निशाना बनाते रहते हैं। घायल सैनिकों को पाकिस्तानी हेलीकॉप्टर से इलाके के मुख्य कस्बे मीरांशाह लाया गया। नाटो ने कहा है कि वह वायु हमले की खबरों की जांच कर रहा है। नाटो और पाक सैनिकों के बीच हुई गोलीबारी की यह घटना अमेरिका की विदेश मामलों से जुड़ी सीनेट की समिति के प्रमुख जॉन कैरी की इस्लामाबाद यात्रा के ठीक बाद हुई। कैरी के पाकिस्तान दौरे का मकसद एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को ढेर करने के बाद पाक के साथ पैदा हुए तनाव को कम करना था। सोमवार को कैरी ने पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, सेना प्रमुख अशफाक परवेज कयानी, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और गृह मंत्री रहमान मलिक से मुलाकात कर विवादित मुद्दों को हल करने के साथ ही आतंकवाद पर कड़ा रुख अख्तियार करने की बात कही थी। ड्रोन हमलों में 14 आतंकी ढेर उत्तर वजीरिस्तान इलाके में सोमवार रात किए गए दो अलग-अलग अमेरिकी ड्रोन हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। एक मानवरहित विमान ने पहले हमले में उत्तर वजीरिस्तान के खेसरो गांव में स्थित एक घर को निशाना बनाते हुए दो मिसाइलें दागीं। इस हमले में नौ संदिग्ध आतंकवादी मारे गए और जिस घर पर हमला किया गया वह पूरी तरह से तहस-नहस हो गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह घर आतंकवादियों का ठिकाना था। अन्य हमले में अमेरिकी ड्रोन से मिरांशाह में घूमते एक वाहन को निशाना बनाकर दो मिसाइलें दागी गईं। हमले में वाहन में सवार पांच यात्री मारे गए और वाहन भी पूरी तरह नष्ट हो गया। मई के महीने में हुआ यह पांचवा ड्रोन हमला था। महिला फिदाइयिनों समेत पांच आतंकियों को मार गिराया कराची : पाकिस्तानी पुलिस ने क्वेटा में सुरक्षा चौकी पर वाहन को रोककर पांच संदिग्ध चेचन आत्मघाती हमलावरों को मार गिराया और इस तरह एक बड़े आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया। पुलिस ने बताया कि पांच आत्मघाती हमलावरों में तीन महिलाएं थीं। हमलावर कम उम्र के थे। उनमें से एक की उम्र 20 साल थी। सभी की कमर पर आत्मघाती पेटी बंधी थी। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी के दौरान कमजोर पड़ने पर महिला आत्मघाती हमलावर ने अपनी पेटी में विस्फोट करा दिया। नगर पुलिस प्रमुख ने बताया कि पांच लोग कार पर सवार थे। उन्होंने अपनी कमर पर विस्फोटकों की पेटी बांध रखी थी। वह प्रत्यक्षत: बलूचिस्तान की राजधानी पर हमला करने की गर्ज से जा रहे थे। पुलिस प्रमुख ने कहा, उन्हें पहले हवाई अड्डे के पास औचक जांच के लिए रुकने का आदेश दिया गया था, लेकिन वे वहां से भाग निकले। इसके बाद उन्हें खारोटाबाद में फ्रंटियर कांस्टेबलरी चौकी पर रोका गया।

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