Sunday, May 15, 2011
चीनियों के घर भर रहे भारतीय देवी-देवता
चीन के लोगों की हिंदू देवी-देवताओं के प्रति आस्था है या नहीं यह तो पता नहीं लेकिन ये देव उनकी कमाई का जरिया बन गए हैं। चीन में निर्मित हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां इन दिनों कई भारतीयों के घरों की शोभा बढ़ा कर चीनियों के घर लक्ष्मी से भर रही हैं। मेड इन चाइना हिंदू भगवान की मूर्तियां थोक में प्रदेश के बाजारों में पहुंच रही हैं। मंदिरों व हिंदू धर्म से जुडे़ कई लोगों के घरों में भी चाइना मिट्टी से तैयार मूर्तियां देखी जा रही हैं। चीन के बाजार ने देश के ग्राहकों की नब्ज पहचानते हुए इलेक्ट्रॉनिक व खिलौनों के बाद भगवान की मूर्तियों का व्यापार भी शुरू कर दिया है। चीन निर्मित मूर्तियां ग्राहकों की पहली पसंद बन रही हैं। हिमाचल में इन मूर्तियों का हर सप्ताह लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है। भारतीयों की पसंद को ध्यान में रख कर चीन तमाम उत्पाद बनाकर व्यापार कर रहा था, लेकिन लोगों के लिए अब स्वदेश में बनी भगवान की मूर्तियों के सामने चाइना मेड भगवान की मूर्तियां पहली पसंद बन रही हैं। ऊना जिला के प्रमुख मंदिरों के पुजारियों व हिंदू धर्म से जुडे़ संगठनों के कई प्रमुख लोगों के घरों में मेड इन चाइना भगवान की मूर्तियां दिखाई दे रही हैं। चीन निर्मित वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले अतुल चौधरी ने कहा कि रोजाना लाखों का चीन निर्मित सामान हिमाचल आ रहा है। लोगों को चीन में निर्मित एक फुट की मूर्ति 250 से 300 रुपये में मिल रही है। इन मूर्तियों पर बेहतरीन कलाकारी की गई है। स्थानीय दुकानदार राकेश कुमार, पंकज, अमित व राजीव कुमार ने बताया कि चाइना मेड भगवान की मूर्तियों की मांग लगातार बढ़ रही है। चीन निर्मित जिस मूर्ति की कीमत 200 रुपये है, वह देखने में सुंदर और हल्की है। स्वदेश में बनी वैसी ही मूर्ति पांच गुणा महंगी है जिस कारण उसकी मांग शून्य के बराबर है। आबकारी एवं कराधान अधिकारी एसके ठाकुर का कहना है कि दुकानों में चीन निर्मित मूर्तियां आ रही हैं मगर उन्हें सामान उपलब्ध करवाने वाली फर्म पंजीकृत है। सामान पर वैट लगा है तो उन्हें कोई समस्या नहीं है। सामान चीन या जापान से पहुंचा है तो यह कस्टम विभाग के अधिकार क्षेत्र की बात है।
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