Wednesday, May 11, 2011

पाक का विरोध दिखावटी, दस साल पहले हो गया था बुश संग करार!

दुनिया के दुर्दात आतंकी ओसामा बिन लादेन को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए अमेरिका और पाकिस्तान के बीच 10 साल पहले ही गुप्त समझौता हो गया था। समझौते के तहत ओसामा के पाकिस्तान में पाए जाने पर अमेरिका एकतरफा कार्रवाई करेगा। बाद में इस्लामाबाद इस पर जोरदार विरोध दर्ज कराएगा। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2001 में अफगानिस्तान की दुर्गम पहाडि़यों तोरा बोरा से अमेरिकी सेना के चंगुल से बच निकलने के बाद तत्कालीन सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश के बीच ओसामा को लेकर यह गुप्त समझौता हुआ था। अखबार ने सेवानिवृत्त पाकिस्तानी और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा, समझौते के मुताबिक पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर ओसामा और अलकायदा के दूसरे नंबर के नेता अयमान अल जवाहिरी की खोज के लिए भी अमेरिकी सेना को एकतरफा कार्रवाई करने देगा। आतंकवाद निरोधी मामलों से जुड़े अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, बुश और मुशर्रफ के बीच समझौता हुआ था कि अगर ओसामा के बारे में पता चल जाएगा कि वो कहां हैं, तो हम उसे पकड़ लेंगे। उसके बाद पाकिस्तान आपत्ति दर्ज कराएगा, लेकिन वह हमें रोकेगा नहीं। यही नहीं पिछले सप्ताह पाकिस्तान की ओर से किया गया अमेरिकी विरोध जनता के बीच अपनी छवि चमकाने का प्रयास था। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी के मुताबिक समझौता मुशर्रफ के शासनकाल में हुआ, लेकिन फरवरी, 2008 से छह महीने के दौरान जब लोकतंत्र की बहाली हो रही थी, सेना ने इस समझौते पर दोबारा मुहर लगाई। उस दौरान मुशर्रफ राष्ट्रपति तो थे लेकिन लोकतांत्रिक सरकार चुनी जा चुकी थी। दूसरी ओर मुशर्रफ ने ऐसा कोई लिखित या मौखिक गुप्त समझौता होने से इंकार किया है। उन्होंने फेसबुक पर कहा, अखबार की खबर में कोई सचाई नहीं है। राष्ट्रपति बुश और मेरे बीच कभी इस विषय पर वार्ता नहीं हुई।

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