इस्लामाबाद, एजेंसी : एबटाबाद में दो मई को अमेरिकी कार्रवाई के दौरान ओसामा बिन लादेन की मौत दो सप्ताह बाद रविवार रात सीनेटर जॉन कैरी इस्लामाबाद पहुंचे। इसमें शक नहीं कि अमेरिकी सीनेटी की विदेश मामलों की समिति के प्रमुख कैरी की यात्रा का मकसद लादेन की मौत के बाद रिश्तों में आए तनाव को कम करना है, लेकिन उन्होंने पाक नेताओं संग वार्ता में कड़वे बोल बोलने से भी गुरेज नहीं किया। अफगान यात्रा के बाद इस्लामाबाद पहुंचे कैरी ने सोमवार को पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, सेना प्रमुख अशफाक परवेज कयानी, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी सहित कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। कैरी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिकी रिश्ते अहम हैं, लेकिन भविष्य में संबंधों को दिशा एक्शन पर निर्भर होगी न कि शब्दों पर। उन्होंने पाक सेना और आइएसआइ के आतंकियों के साथ रिश्तों की ओर भी इशारा किया। कैरी ने कहा कि हम इस बात से भी चिंतित हैं कि ये दोनों अब भी आतंकियों को मदद देना जारी रखे हुए हैं। वरिष्ठ सीनेटर ने पाकिस्तान को वित्तीय सहायता पर कहा, इस समय दोनों देशों के रिश्तों में संदेह है, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। इसके कई आधार हैं और यही कारण है कि अमेरिका में कई सीनेटर पाक को वित्तीय मदद न देने पर अड़े हैं। कैरी ने कहा, यह सच है कि लादेन का पाकिस्तान में पाया जाना दोनों देशों के रिश्तों के बारे में सोचने पर विवश करता है। अमेरिका में ऐसे कई सीनेटर हैं जो आइएसआइ और पाक सेना की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। वे पाकिस्तान में सुरक्षित आतंकी नेटवर्क से भी चिंतित हैं। इसे नष्ट करना होगा। दूसरी ओर पाक सेना प्रमुख ने कैरी से कहा कि एबटाबाद में अमेरिकी कार्रवाई को लेकर सेना में आक्रोश है। रावलपिंडी में हुई इस मुलाकात में कयानी ने यह बात कही। कैरी व कयानी की मुलाकात के बाद एक सैन्य बयान में कहा गया, सरकार के साथ संयुक्त बैठक के दौरान पाक-अमेरिका संबंधों पर विस्तृत चर्चा किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि अमेरिका, पाकिस्तान को दी जाने वाली तीन अरब डॉलर की वार्षिक मदद को बंद करने की कांग्रेस की धमकी का इस्तेमाल करने की कोशिश करेगा।
विदेशी सहायता स्वीकार नहीं करेगी पंजाब सरकार : शहबाज शरीफ लाहौर : पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने आज घोषणा की कि उनकी सरकार अब विदेशी सहायता स्वीकार नहीं करेगी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद शरीफ ने संवाददाताओं से कहा कि यह निर्णय पंजाब प्रांत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लिया गया है। शरीफ ने विदेशी सहायता स्वीकार नहीं करने की बात हाल में ही अमेरिकी बलों द्वारा ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए पाकिस्तान के एबटाबाद में की गई एकतरफा कार्रवाई के बाद कही है। पाकिस्तान इसे अपनी संप्रभुता हनन का मामला मान रहा है। शरीफ ने कहा कि उनकी सरकार भीख के कटोरे को छोड़कर व्यापार पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहती है। पाकिस्तान की संप्रभुता पर पहुंची चोट के बारे में शरीफ ने कहा, हमें विदेशी सहायता पर निर्भर नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह हमारे सम्मान को चोट पहंुचा रही है। हम इसका विरोध करते हैं।
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