Tuesday, May 3, 2011

आतंक विरोधी युद्ध का अभी अंत नहीं

मोस्ट वांटेड आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि ओसामा हजारों निर्दोषों की हत्या का गुनहगार था। ओसामा के मारे जाने भर से ही अमेरिका का अभियान खत्म नहीं हुआ। हम एक बार फिर याद दिला दें कि अमेरिका जो ठान ले वह करके दिखाता है। ओबामा ने यह भी साफ कर दिया कि हमारी लड़ाई इस्लाम के खिलाफ नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ है। ओबामा ने कहा कि दस साल पहले अमेरिका पर हुए सबसे खतरनाक हमले ने 11 सितंबर की सुबह को काली रात में बदल दिया था। आतंकवादियों द्वारा अपहृत विमानों ने व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावरों और रक्षा मुख्यालय पेंटागन पर हमला किया था। वह अमेरिका के लिए सबसे दुर्भाग्यशाली दिन था। अमेरिका के सैकड़ों बच्चों को अपने माता-पिता के बिना बड़ा होना पड़ा। दु:ख की उस घड़ी में पूरा अमेरिका एक साथ खड़ा दिखाई दिया। किसी ने यह नहीं सोचा कि वह कौन है, किस भगवान को मानता है, किस जाति और धर्म का है। उस दिन हम सभी अमेरिकी के अलावा और कुछ नहीं थे। उसके बाद हमने अलकायदा और उसके सरगना को नष्ट करने की कसम खाई थी। पिछले दस साल में हमारी सेना के साहस, आतंकवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता और पेशेवर सैन्य अभियानों ने हमें सफलतूा दिलाई। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में हमने तालिबान की सत्ता समाप्त की, जो ओसामा और अलकायदा का सबसे बड़ा मददगार है। हम हमेशा से कहते आ रहे हैं कि हमारी लड़ाई इस्लाम के खिलाफ नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ है। ओसामा मुस्लिम नहीं था, वह मुसलमानों का हत्यारा था। हम पाकिस्तान से लगातार कह रहे थे कि यदि उसे ओसामा के बारे में पता है तो हमें बताए। हम मिलकर उसके खिलाफ लड़ेंगे। ओबामा के मुताबिक पिछले हफ्ते हमने फैसला लिया कि अब ओसामा को पकड़ने के लिए हमारे पास पर्याप्त सूचना है। फिर मेरे आदेश पर अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान के एबटाबाद में ऑपरेशन को अंजाम दिया और उसे मार गिराया। हमें यह याद रखना चाहिए कि हमने यह सब अपनी दौलत या ताकत के बल पर नहीं किया। यह इसलिए संभव हुआ कि हम ईश्वर की अदृश्य शक्ति से संचालित एक ऐसा देश हैं जहां सभी के लिए स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी है।

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