Wednesday, May 4, 2011

पाकिस्तान को फूटी कौड़ी भी न दी जाए

पाकिस्तान की असलियत सामने आने के बाद अमेरिकी सीनेटरों में बहुत गुस्सा है। एक वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटर ने तो पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद रोकने की मांग कर डाली है। सीनेटर फ्रैंक लौटनबर्ग ने कहा कि जब तक पाकिस्तान यह नहीं बताता कि ओसामा उसकी राजधानी के पास इतने साल तक कैसे रहता रहा, उसको दी जाने वाली 3 अरब डॉलर (करीब 133 अरब रुपये) की मदद रोक देनी चाहिए। साथ ही उसे आतंकवाद को लेकर अपना आगे का रवैया भी स्पष्ट करना होगा। पाकिस्तान खेल रहा दोहरा खेल पाकिस्तान पर यह आरोप लगाया है अमेरिकी सीनेटर सुसेन कोलिंस ने। उनका कहना है कि आइएसआइ ओसामा की मौजूदगी से अवगत थी। मेरे लिए यह विश्वास कर पाना काफी कठिन है कि पाकिस्तान की राजधानी से केवल दो घंटे की दूरी पर किस तरह इतना विशाल कंपाउंड तैयार किया गया, जबकि इसके आस-पास सैन्य शिविर, सैन्य अकादमी भी हैं। यह बात साबित करती है कि पाकिस्तान दोहरा खेल खेल रहा है। सीनेटर जो लिबरमेन ने कहा, आप जानते हैं कि पाकिस्तानी अधिकारी लंबे समय से झूठ बोल रहे थे कि ओसामा पाकिस्तान में नहीं है। वह पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर पहाड़ी इलाके में कहीं छिपा है। अन्य आतंकियों को बचाएगा पाक सीनेटर चा‌र्ल्स शूमेर का कहना है कि ओसामा के मारे जाने के बाद पाकिस्तान अपने देश में मौजूद अन्य अलकायदा नेताओं की रक्षा कर सकता है। इस देश में घोर अमेरिका विरोधी, तालिबान समर्थक तत्व हैं जिनका उद्देश्य भारत से संघर्ष और इसमें अन्य सहयोगियों को शामिल करना है। हमें पाकिस्तान के खिलाफ अधिक से अधिक सुबूत एकत्र करने चाहिए। अब पाकिस्तानी सेना, उसकी खुफिया एजेंसी के पास जवाब देने के लिए बहुत सारे सवाल हैं। उन्हें बताना होगा कि ओसामा ने अपना ठिकाना यहां कब बनाया, कैसे उसे यहां पर इतनी सुविधाएं मिलीं और वो यहां पर इतने लंबे समय से कैसे बेधड़क रह रहा था। सीनेटर हैरी रीड ने कहा है कि इतनी बड़ी सफलता हमें राष्ट्रपति ओबामा के प्रयासों से मिली है। पिछले ढाई साल में हमारी सेना और खुफिया सूत्रों ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया है। पाक सेना को पता था ठिकाना : यह दावा है अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेन जेम्स जोंस का। पाकिस्तान को इस्लामाबाद के निकट एबटाबाद में छिपे होने की जानकारी शायद निश्चित तौर पर होगी, जहां उसे विशेष अमेरिकी बलों ने मार गिराया|

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