Monday, December 20, 2010

रूस-भारत बढ़ाएंगे परमाणु, रक्षा सहयोग

रूसी राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं। दौरे से पहले मास्को ने संकेत दिए हैं कि दिल्ली के साथ परमाणु ऊर्जा सहयोग बढ़ाने में क्षतिपूर्ति दायित्व कानून की अड़चन आड़े नहीं आने दी जाएगी। भारत-रूस के बीच ग्यारहवें सालाना शिखर वार्ता के दौरान मास्को से दो अतिरिक्त परमाणु संयंत्र को लेकर समझौते का रास्ता साफ करने में जुटे भारतीय खेमे को रूसी कूटनीतिज्ञों से आश्वासन मिला है।
सूत्रों के अनुसार, रूसी नेता को भारत की तरफ से दायित्व कानून के कुछ बिंदुओं पर सफाई चाहिए, उसके बाद एटमी सहयोग बढ़ाने संबंधी करार पर दस्तखत में कोई दिक्कत नहीं है। वहीं भारत पांचवीं पीढ़ी के विमानों को लेकर समझौते का रास्ता भी साफ कर देना चाहता है। जानकारों के मुताबिक, अगर करार हो गया तो भारत में ऐसे लड़ाकू विमानों को डिजाइन करने की सहूलियत पहली बार हासिल होगी। भारतीय वायु सेना के लिए सरकार रूस से 250-300 विमानों का सौदा कर रही है, जिनकी कुल लागत तीस अरब डालर बैठ रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के विष्णु प्रकाश ने बताया कि कई समझौतों पर दस्तखत होने की संभावना है।
उन्होंने करारों की तादाद की पुष्टि तो नहीं की लेकिन सूत्रों की माने तो एक दर्जन से ज्यादा समझौते होने की संभावना है। तमिलनाडु के कुडानकुलम में पहले ही एक हजार मेगावाट क्षमता के दो परमाणु संयंत्र स्थापित करने का काम चल रहा है। अब वहां दो और यूनिट स्थापित करने संबंधी करार किया जाना है। इसके लिए आपरेटर और सप्लायर को लेकर दायित्व कानून में मौजूद प्रावधान पर भारत की सफाई से रूसी नेता के संतुष्ट होते ही करार हो जाएगा। विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजय बिसारिया ने बताया कि रूस को कानूनी प्रावधान के बारे में संतुष्ट किया जा रहा है। रूसी राजदूत ने तो जानकारी दी है कि आने वाले कुछ बरसों में भारत में 14-16 नाभिकीय ऊर्जा यूनिट स्थापित करने की मंशा रूसी प्रधानमंत्री ब्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान जताई गई थी। रूस को उम्मीद है कि भारत उड़ीसा या कर्नाटक में से कहीं भी परमाणु संयंत्र के लिए जगह देगा। मेदवेदेव दिल्ली से आगरा का रुख करेंगे, जहां से वह मुंबई जाएंगे। आतंकी हमलों के शिकार हुए ताज होटल में ही रूसी नेता ठहरेंगे। मेदवेदेव मुंबई आईआईटी का भी दौरा करेंगे।

- पांचवीं पीढ़ी के विमानों को लेकर भी हो सकता है समझौता
मिशन मेदवेदेव, मास्को से बाईस्कोप सिटी मुंबई
नई दिल्ली (ब्यूरो)। पचास के दशक का गीत सिर पर लाल टोपी रूसी का जादू आज भी रूसियों के दिल में बसा हुआ है। यह गीत और इस पर राज कपूर की अदा भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान में अहम कड़ी साबित होती रही है। इसी का नतीजा है कि रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव बॉलीवुड पर ऐसे फिदा हैं कि अपनी भारत यात्रा के दूसरे दिन इस चकाचौंध करने वाली दुनिया के दर्शन करने बॉलीवुड जाएंगे, जहां वह कपूर खानदान के सदस्यों से मुलाकात करेंगे।

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