देर से ही सही पर अमेरिका ने यह स्वीकार कर लिया है कि पाकिस्तान जंग में उसकी मदद के नाम पर अपने हित साध रहा है। पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा कांग्रेस को सौंपी गई एक गोपनीय रिपोर्ट में कहा गया है कि पाक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हजारों राजनैतिक अलगाववादियों और तालिबान लड़ाकों को गायब कर दिया है। माना जा रहा है कि इनमें से अधिकतर को या तो मार दिया गया या फिर किसी गुप्त जगह प्रताडि़त किया गया। ओबामा प्रशासन ने इस रिपोर्ट पर गहरी चिंता प्रकट की है। आठ पेज कि इस रिपोर्ट की एक कॉपी न्यूयॉर्क टाइम्स के पास है। इसके अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि 9/11 के बाद पाकिस्तान, खासतौर पर बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का खुले तौर पर उल्लंघन कर रहा है। जंग के नाम पर पाक पुलिस और सेना ने बलूचिस्तान में बलूच नेशनल अपोजिशन पार्टी के हजारों सदस्यों को हिरासत में ले रखा है। ये वे लोग हैं जो गुरिल्ला संगठनों के जरिए अलग बलूचिस्तान के लिए सालों से संघर्ष कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन लोगों को बिना किसी आरोप के उठाया गया है और इन्हें लेकर कई मामले में कोर्ट में चल रहे हैं। पाक के भी कई मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि पिछले दस साल में सुरक्षा एजेंसियों ने हजारों लोगों को गलत तरीके से गायब कर दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स का मानना है कि यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और पाक के संबंध बड़े नाजुक चल रहे हैं। निहत्थे तालिबान का कत्ल : विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाक सेना ने बगैर किसी ट्रायल के बहुत से निहत्थे तालिबान को मौत के घाट उतार दिया। रिपोर्ट में उन कारणों का भी जिक्र है जिस वजह से अमेरिकी सेना ने हाल ही में पाक सैनिकों को ट्रेनिंग देने से मना किया था। अमेरिकी सेना को पता चला था कि पाक सेना की एक टुकड़ी ने तालिबान के खिलाफ अभियान के दौरान निहत्थे कैदियों और आम नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया था। वॉशिंगटन ने चिंता जताई है कि पाक सरकार मानवाधिकार हनन मामलों अब तक बहुत मामूली प्रगति कर पाई है और सेना द्वारा ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
गायब लोगों का सही आंकड़ा नहीं : लाहौर में ह्यूमन राइट्स वॉच के वरिष्ठ शोधकर्ता अली दयान हसन का कहना है कि गायब लोगों का सही आंकड़ा बताना बेहद मुश्किल है। हालांकि अगस्त 2009 तक ऐसे 1291 लोगों का पता चला था जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने जांच के नाम पर गायब कर दिया है। इस बीच बलूचिस्तान से गायब हुए लोगों की एक याचिका पर पाक सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तिायार किया है।