नाटो हमला : रूस ने भी की र्भत्सना
रूस ने कहा है कि आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान किसी राष्ट्र की संप्रभुता के उल्लंघन की ‘इजाजत’ नहीं दी जा सकती है। उसने अफगानिस्तान से सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों पर नाटो हमले के संदर्भ में यह टिप्पणी की जिसमें 28 सैनिक मारे गए। इससे पहले चीन ने कहा है कि अमेरिका ने पाक सेना पर हमला कर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। विदेश मंत्री सेग्रेई लावरोव ने सोमवार को हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए अपनी पाकिस्तानी समकक्ष हिना रब्बानी खार से बातचीत की। लावरोव ने शनिवार की इस घटना पर पाकिस्तान के दृष्टिकोण का पक्ष लिया। रूसी विदेश मंत्रालय ने अपनी वैबसाइट पर पोस्ट की गयी एक विज्ञप्ति में कहा, रूसी विदेश मंत्रालय पाकिस्तानी नेतृत्व के दृष्टिकोण को समझता है और मानता है कि आतंकवाद निरोधी अभियानों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने सहित किसी मामले में राष्ट्रीय संप्रभुता के उल्लंघन की इजाजत नहीं दी जा सकती। मास्को ने हालांकि पिछले साल मई में ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मारे जाने का स्वागत किया था। खार से टेलीफोन पर बातचीत में लावरोव ने अफगानिस्तान में नाटो-आईएसएएफ के उच्च कमान द्वारा उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इस बीच रूसी मीडिया ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा नाटो बलों के लिए आपूर्ति मार्ग बंद करना मास्को के हक में है। दैनिक कामरसेन्ट ने कहा कि नाटो के पास अब रूस के जरिए ही आपूर्ति मार्ग का विकल्प बचा है। उसने कहा कि मास्को इसका इस्तेमाल यूरोप में मिसाइल कवच की तैनाती पर नाटो के दृष्टिकोण को प्रभावित करने के लिए कर सकता है। इससे पहले ‘पीपुल्स डेली’ ने कहा कि अमेरिका ने गत शनिवार पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में सेना पर हवाई हमला करके अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। इस हमले में 28 पाकिसतानी सैनिकों की मौत हो गई थी। नाटो ने इस घटना को दुखद बताया था तथा अमेरिका के अधिकारियों ने बताया कि नाटो तथा अमेरिकी जांचकर्ता यह पता लगाएंगे कि पाकिस्तान में हमले में क्या हुआ था लेकिन समाचार पत्र ने बताया कि इस हमले में पहले ही आतंकी खबरों के खिलाफ अमेरिका के दृष्टिकोण में गहरी समस्या पैदा कर दी है। इस सबसे साफ हो जाना चाहिए कि अमेरिका तथा नाटो ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों तथा नियमों का उल्लंघन किया है। जांच करेंगे शीर्ष अमेरिकी जनरल : अमेरिका ने पाकिस्तान की सीमावर्ती चौकियों पर नाटो के हवाई हमले की जांच का जिम्मा अपनी वायु सेना के एक शीर्ष जनरल को सौंपा है और पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान को जांच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। नाटो के इस हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिक मारे गए थे। अमेरिका ने हमले की जांच का काम फ्लोरिडा स्थित अमेरिकी मध्य कमान मुख्यालय के ब्रिगेडियर जनरल स्टीफन क्लार्क को सौंपा है। उच्चस्तरीय जांच की घोषणा करते हुए अमेरिकी मध्य कमान के कमांडर जनरल जेम्स मैटिस ने कहा कि अफगान और पाक की सरकारों को जांच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जांच टीम को अफगान में तैनात नाटो नीत अंतरराष्ट्रीय सहायता बल (आईएसएएफ) से जानकारी जुटाने और उसे जांच में शामिल करने का भी निर्देश दिया गया है। अमेरिकी वायु सेना के विशेष अभियान कमान मुख्यालय में तैनात क्लार्क से 23 दिसम्बर तक प्रारंभिक रिपोर्ट देने को कहा गया है
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