Monday, November 28, 2011

अरब लीग ने सीरिया पर लगाई पाबंदी


अरब लीग ने शांति प्रस्ताव पर तय समय सीमा में अमल न कर पाने के कारण सीरिया के खिलाफ प्रतिबंध के प्रस्ताव को अपार समर्थन के साथ पारित कर दिया। यह प्रतिबंध गत आठ माह से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकर्ताओं के खिलाफ सीरिया सरकार द्वारा अपनाए गए हिंसक दमन को समाप्त करने के लिए लगाए गए हैं। लीग की ओर से किसी अरब देश के खिलाफ यह कदम अभूतपूर्व है। मतदान से पहले दमिश्क ने इस कदम को अरब एकजुटता के साथ धोखाधड़ी करार देते हुए इसकी निंदा की थी। पहले से ही संकट से जूझ रही सीरिया सरकार के लिए यह निर्णय बड़ा झटका है क्योंकि वह स्वयं को अरब राष्ट्रीयता का ऊर्जा गृह मानता है। काहिरा में एक संवाददाता सम्मेलन में कतर के विदेश मंत्री हमद बिन जासीम ने कहा कि अरब लीग के 22 में से 19 सदस्यों ने सीरिया पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। इराक और लेबनान मतदान में अनुपस्थित रहे। लीग के प्रतिबंधों में सीरिया के केन्द्रीय बैंक के साथ लेन-देन करने, सीरिया सरकार के कार्यक्रमों को सहायता देने आदि पर प्रतिबंध लगाया है। जासीम ने कहा, हमारा लक्ष्य सीरिया के लोगों की तकलीफों को कम करना है। सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हिंसा के कारण उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक मार्च से अभी तक हिंसा की इन घटनाओं में 3,500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। यूरोपीय संघ और अमेरिका ने असद और उनकी सरकार के खिलाफ कई प्रतिबंध लगाए हैं जिनमें सीरिया से तेल के आयात पर प्रतिबंध भी शामिल है। बहरीन और कतर ने रविवार को अपने नागरिकों को सीरिया छोड़ने की सलाह दी। संयुक्त अरब अमीरात पहले ही अपने नागरिकों को ऐसी सलाह जारी कर चुका है। प्रदर्शनों का बुरी तरह दमन करने वाले दमिश्क के खिलाफ प्रतिबंध पर विचार करने के लिए अरब लीग की हुई बैठक के दिन यह सलाह जारी की गई। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि सीरिया में अस्थिरता की वजह से यह सलाह जारी की गई है। वहीं, सीरिया के विदेश मंत्री वालिद अल-मुअल्लिम ने अरब लीग पर देश में आठ महीने पहले शुरू हुए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों से पैदा हुए जानलेवा संकट के अंतरराष्ट्रीयकरण करने का आरोप लगाया है। सरकारी टीवी ने प्रतिबंधों को सीरिया के लोगों के खिलाफ अप्रत्याशित कदम बताया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रतिबंध के बाद भी सीरियाई सरकार के रुख में परिवर्तन की संभावना नही है। सीरिया में जारी हिंसा में साढ़े तीन हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। रूस ने कहा है कि सीरिया में हिंसा का स्रोत चाहे कुछ भी हो, उसे रोकना और जारी असंतोष खत्म करना सर्वोच्च प्राथमिकता वाला काम है। रूसी विदेश उपमंत्री मिखाइल बोगदानाव ने सीरिया के राजदूत रियाद हद्दाद से भेंट में कहा, सीरिया में मुख्य लक्ष्य हिंसा को तत्काल रोकना है। उन्होंने कहा, तमाम सीरियावासियों के हित में लोकतांत्रिकरण, राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक सुधार की दिशा में राष्ट्रीय संवाद है।

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