मिस्र के ऐतिहासिक तहरीर चौक पर फिर से झड़पें शुरू होने के कारण कम से कम 35 लोगों की जान चली गई और 1700 से अधिक लोग घायल हो गए। इन झड़पों के कारण हुस्नी मुबारक की सत्ता खत्म हो जाने के बाद होने वाले पहले 28 नवम्बर को होने वाले चुनाव पर संकट के बादल घिरने लगे हैं। पुलिस और सेना ने लाठियों, आंसू गैस और एयरगन चलाकर प्रदर्शनकारियों को तितरबितर करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सैन्य शासन सत्ता असैन्य अधिकारियों को सौंप दे। सरकारी टीवी ने तहरीर चौक की तस्वीरें दिखाई जो फरवरी में मुबारक की सत्ता को हटाने के लिए हुए आंदोलन का प्रतीक चिन्ह बन गया था। टीवी में दिखाया जा रहा है कि पूरा तहरीर चौक आंसू गैस से आच्छादित है। सोमवार दिन में एक सरकारी टेलीविजन ने खबर दिखाई थी कि तहरीर चौक पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघषर्विराम हो गया है। इसे करवाने में तहरीर चौक पर स्थित उमर मकरम मस्जिद के इमाम शैख मजहर शाहीन ने मध्यस्थता की। इस समझौते के तहत प्रदर्शनकारी चौक पर बने रहेंगे जबकि सेना के साथ सुरक्षा कर्मी गृह मंत्रालय के आसपास तैनात रहेंगे। सुबह हुए इस संघर्ष विराम से पहले रविवार को कई लोग मारे गये थे। यह हिंसा हुस्नी मुबारक के 30 साल के लंबे शासन के बाद हो रहे पहले चुनाव से पूर्व हुई है। कल रात से हुए संघर्ष में तहरीर चौक पर कई लोग मारे गए जबकि 1700 लोग घायल हो गए। गत शुक्र वार को सैन्य विरोधी जन रैली के शांतिपूर्ण आयोजन के बाद मिस्र की राजधानी में दूसरे दिन हिंसा हुई है। अल तहरीर चौक की घटनाओं के विरोध में सैकड़ों लोगों ने सैद बंदरगाह, सिटी हाल और सुरक्षा निदेशालय के समक्ष प्रदर्शन किए। इस्कंदरिया में सुरक्षा बलों ने सुरक्षा निदेशालय के समक्ष दंगे में शामिल होने के आरोप में करीब 80 लोगों को गिरफ्तार किया है। केना में स्थानीय सुरक्षा निदेशालय के आसपास सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि प्रदर्शनकारियों को इमारत पर पथराव करने से रोका जा सके। इससे पूर्व निदेशालय के सामने प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष छिड़ गया था। मिस्र के मंत्रिमंडल ने संकट के मुद्दे पर कई घंटे तक विचार विमर्श किया और बाद में एक अन्य बैठक के लिए वे सत्तारूढ़ सशस्त्र बल की सर्वोच्च परिषद गए। मंत्रिमंडल ने एक बयान में कहा कि 28 नवम्बर को होने वाले संसदीय चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्र म के अनुसार होंगे। सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए परिषद के एक बयान में उसने जो कुछ भी हो रहा है उस पर खेद जताया है। उसने कहा कि वह चुनाव कार्यक्र म पर प्रतिबद्ध है।
No comments:
Post a Comment