Monday, October 3, 2011

भारत के आग्रह पर विचार करेगा अमेरिका


साइबर मामलों में सूचना बांटने का मुद्दा
अमेरिका ने रविवार को कहा कि वह भारत के उस आग्रह पर विचार करेगा जिसमें उसने अपने देश में विभिन्न विभागों से जुड़े साइबर मामलों के बारे में सूचना प्रदान करने का आग्रह किया था। ये आग्रह अमेरिका के समक्ष लंबित हैं। भारत ने साइबर सुरक्षा मुद्दों से निपटने के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने की भी मांग की है। साइबर सुरक्षा पर भारत-अमेरिका वार्ता की बैठक में यह बात सामने आई है। बैठक में भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विजय लाथा रेड्डी ने की। शिष्टमंडल में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय के अलावा इंटेलीजेंस ब्यूरो और सीबीआई के अधिकारी शामिल थे। अमेरिकी शिष्टमंडल का नेतृत्व व्हाइट हाउस के साइबर सुरक्षा संयोजक हावार्ड स्किम्ड्ट ने किया। बैठक के दौरान सीबीआई के प्रतिनिधियों ने लंबित मामलों के संबंध में सूचना प्राप्त करने में पेश आ रही कठिनाइयों को रेखांकित किया और कहा कि इस संबंध में कई बार आग्रह किया गया लेकिन सूचना नहीं प्रदान की गई। सीबीआई अधिकारी चाहते हैं कि अमेरिकी अधिकारी अपने अधिकार का सकारात्मक ढंग से उपयोग करें और उपलब्ध सूचनाओं को अनौपचारिक माध्यम या इंटरपोल के जरिये उपलब्ध कराएं। चर्चा के बाद दोनों देशों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत सूचना प्रदान करने संबंधी अपने लंबित आग्रहों की सूची पेश करेगा जिसके आधार पर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। यहां अमेरिकी मिशन में एफबीआई के प्रतिनिधि ने पूर्ण सूचना प्रदान किए जाने से जुड़े विधिक विषयों को उठाते हुए इशारा किया कि मुंबई पर 26/11 आतंकी हमलों के बारे में भारत को चार घंटे के रिकार्ड समय में सूचनाएं मुहैया कराई गई। स्किम्ड्ट ने दोनों देशों की कानून अनुपालन एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग बनाए जाने के बारे में सहमति व्यक्त की। भारत ने साइबर खतरों से निपटने के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी खरीदने के बारे में भी आग्रह किया। साइबर सुरक्षा पर द्विपक्षीय बैठक के दौरान सामने आई बात, काफी समय से लंबित है मामला

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