Monday, October 17, 2011

पूंजीवाद विरोधी लहर ने और जोर पकड़ा


पूंजीवाद विरोधी मुहिम ऑक्यूपाइ वाल स्ट्रीट आंदोलन को पूरी दुनिया में समर्थन मिल रहा है। कॉरपोरेट जगत की लूट और समाज में व्याप्त गैर बराबरी के खिलाफ खड़ा हुआ यह आंदोलन अमेरिका से शुरू होकर यूरोप और एशिया तक फैल गया है। रविवार को लगातार दूसरे दिन न्यूयॉर्क, शिकागो, वाशिंगटन, लॉस एंजिल्स, ब्रसेल्स, टोक्यो, फ्रेंकफर्ट, लंदन, रोम, पोर्तो सहित दुनिया भर के 82 देशों सैकड़ों शहरों में हुए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। इस आंदोलन को सोशल नेटवर्किंग साइटों पर भी खूब समर्थन मिल रहा है। फेसबुक, ट्विटर सहित विभिन्न माध्यमों से पूंजीवाद विरोधी प्रदर्शनों को काफी बल मिल रहा है। ऑक्यूपाइ लंदन स्टॉक एक्सचेंज पेज को फेसबुक पर अब तक 16000 लाग लाइक कर चुके हैं। इसी प्रकार से ऑक्यूपाइ टुगेदर पेज से अब तक 1,17000 लोग जुड़ चुके हैं। फेसबुक पर लगभग 500 लोग सिर्फ प्रदर्शनों के बारे में विस्तृत जानकारी देने में जुटे हैं। इस वजह से प्रदर्शनों में अप्रत्याशित तेजी देखने को मिल रही हैं। हालांकि छिटपुट हिंसक घटनाओं को छोड़ दें तो रविवार को प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। इस दौरान न्यूयॉर्क में 92 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी एतिहासिक टाइम्स स्क्वायर पर इकट्ठा हुए। उनका जुलूस लंबा था, जिसकी वजह से व्यस्त मैनहट्टन की सड़कों पर भारी जाम लग गया। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के प्रवक्ता पाल ब्राउनी ने बताया कि सैकड़ों प्रदर्शनकारी जूकोटी पार्क से वाशिंगटन स्क्वायर तक जा रहे थे, उसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी समूह से निकल कर सिटी बैंक की शाखा में घुस गए। प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे कि हम शांतिप्रिय हैं और यह पूरी दुनिया देख रही है। सिटी ग्रुप ने अपने बयान में कहा कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी उसकी शाखा में घुस गए और अव्यवस्था पैदा करने लगे। इस पर बैंक कर्मचारियों को आपात सेवा बंद करनी पड़ी। पुलिस ने यहां 24 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। जबकि बाकी टाइम्स स्क्वायर और अन्य जगहों से गिरफ्तार किए गए। ऑक्यूपाई वाल स्ट्रीट सामाजिक और आर्थिक असमानता, कॉरपोरेट घरानों की लूट, धन बल तथा सरकार में लाबिंग करने वालों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वालों का आंदोलन है। रविवार को लंदन, रोम एवं दुनिया के कई बड़े शहरों में इसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। लंदन में करीब 250 लोगों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इनमें विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे ने भी शामिल हुए।

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