पाकिस्तानी जनता आतंकी संगठनों के बजाए भारत को अपने लिए बढ़ा खतरा मानती है। पांच में से केवल एक पाकिस्तानी ही भारत के प्रति सकारात्मक नजरिया रखता है, जबकि दस में से छह लोग भारत को तालिबान या अलकायदा से भी बड़ा खतरा मानते हैं। शुक्रवार को जारी किए गए एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई है। प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा पाकिस्तान में कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक साल 2009 में जब पहली बार पाकिस्तानियों से उनके सबसे बड़े खतरे के बारे में पूछा गया था, तब से लेकर आज तक वे भारत का नाम ही लेते आए हैं। भारत से डरने वाले लोगों का आंकड़ा बढ़कर 59 प्रतिशत पहुंच गया है। वहीं तालिबान को खतरा मानने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है। इन नकारात्मक भावनाओं के बावजूद 62 प्रतिशत पाकिस्तानी मानते हैं कि भारत के साथ संबंध सुधारना उनके देश के हित में है। वहीं दो तिहाई लोग द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए वार्ता जारी रखने के पक्षधर हैं। ज्यादातर भारतीय भी पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने, व्यापार बढ़ाने और वार्ता के जरिये समस्याएं सुलझाने के पक्ष में हैं। हालांकि पाकिस्तान को लेकर भारतीयों का नजरिया नकारात्मक ही है। दस में से छह भारतीय पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक रुख रखते हैं। वैसे साल 2011 के 65 प्रतिशत की तुलना में इस साल इसमें कुछ कमी आई है। सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत अकेला ऐसा देश नहीं है, जहां पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक नजरिया हैं। जिस सात देशों में यह सर्वेक्षण कराया गया है, उनमें से छह देशों के नागरिक पाकिस्तान के प्रति ऐसी ही सोच रखते हैं। यह सर्वेक्षण भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान और मुस्लिम बहुल मिस्त्र, जार्डन और ट्यूनीशिया में गत मार्च से अप्रैल के बीच कराया गया।
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