Wednesday, June 20, 2012

तालिबान की धमकी बच्चों को बना रही अपाहिज


पाकिस्तान के कबायली इलाके उत्तरी वजीरिस्तान में तालिबान केएक शक्तिशाली कमांडर द्वारा बच्चों को टीके लगाने पर लगाई गई पाबंदी के चलते पांच साल से कम उम्र के 16 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो का टीका नहीं लगाया जा सकेगा। पाकिस्तानी मीडिया ने इस पर चिंता जाहिर की है। अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, उत्तरी वजीरिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के कर्ताधर्ता हाफिज गुल बहादुर ने पिछले हफ्ते कहा था कि शूरा ने तब तक टीकाकरण अभियान पर पाबंदी का फैसला किया है जब तक क्षेत्र में अमेरिकी ड्रोन हमले जारी रहते हैं। आतंकियों ने दावा किया कि ये टीकाकरण अमेरिकी जासूसों के लिए ढाल का काम करते हैं। इस पाबंदी से पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन के प्रयासों पर गंभीर असर पड़ेगा। पाकिस्तान दुनिया के उन तीन देशों में शुमार है जहां अब भी पोलियो का प्रकोप व्याप्त है। पाकिस्तान में इस साल पोलियो के 22 नए मामले सामने आए हैं। मार्च में विश्र्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी थी कि अगर पाकिस्तान ने पोलियो के खिलाफ सख्त मुहिम नहीं चलाई गए तो उसके खिलाफ वीजा और यात्रा संबंधी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि संघीय प्रशासित कबायली इलाके (एफएटीए) में पोलियो के अधिक मामले हैं क्योंकि यहां रास्ते दुर्गम हैं और कबायली जनता में टीकाकरण को लेकर भ्रम है। कबायली पट्टी में खैबर, बजौर, मोहमंद और कुर्रम एजेंसियों समेत अधिक जोखिम वाले इलाकों में सोमवार को तीन दिनी टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। इसका लक्ष्य करीब आठ लाख बच्चों को पोलियो की खुराक देना है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि अभियान के दौरान उत्तरी वजीरिस्तान को छोड़ दिया जाएगा। कबायली इलाकों के लिए टीकाकरण पर विस्तारित कार्यक्रम के उपनिदेशक शाहिबजादा खालिद ने कहा,हमने हाफिज गुल बहादुर की धमकी के चलते इसे हटा दिया है।

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