Tuesday, June 19, 2012

परमाणु करार के क्रियान्वयन पर आगे बढ़े भारत-अमेरिका


अमेरिका और भारत ने असैन्य परमाणु करार के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। वेस्टिंगहाउस इलेक्टि्रक कार्पोरेशन व न्यूक्लियर पावर कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआइएल) ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत गुजरत में परमाणु संयंत्र निर्माण के लिए प्रारंभिक स्तर पर कार्य किया जाएगा। अमेरिका-भारत रणनीतिक वार्ता की शुरुआत के मौके पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि इस समझौते से 2008 में हुए अमेरिका-भारत परमाणु करार के क्रियान्वयन को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लग गया है। कृष्णा ने कहा, मुझे खुशी है कि दोनों देशों के बीच परमाणु व्यापार की शुरुआत हो रही है। हमें उम्मीद है कि अमेरिका और भारत की कंपनियां मिलकर जल्द ही परमाणु संयंत्र का निर्माण कार्य शुरू कर देंगी। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ संयुक्त वार्ता में कृष्णा ने बताया कि रणनीतिक वार्ता से पहले दोनों देशों की कंपनियों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस प्रारंभिक समझौते के तहत गुजरात के भावनगर जिले में मिथिविर्दी में परमाणु संयंत्र के लिए प्रारंभिक स्तर पर लाइसेंस देने और साइट के निर्माण का कार्य किया जाना है। इसकी क्षमता एक हजार मेगावाट होगी। दूसरी ओर हिलेरी क्लिंटन ने कहा, हमें पूरी उम्मीद है कि गुजरात में बनने वाला यह संयंत्र भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगा। मुझे आशा है कि भविष्य में और समझौते होंगे, जिनके जरिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्टि्रक भी कार्य शुरू कर सकेगी। हिलेरी ने कहा कि दोनों देशों को परमाणु करार के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए अब भी बहुत कार्य करना है। ध्यान रहे कि भारत में प्रस्तावित क्षतिपूर्ति विधेयक पर अमेरिकी कंपनियों को सख्त ऐतराज है। यह विधेयक परमाणु दुर्घटना की स्थिति में कंपनियों की जिम्मेदारी तय करता है। इस विधेयक की वजह से न केवल अमेरिकी बल्कि रूस और फ्रांस समेत कई देशों की कंपनियां भारत से कतरा रही हैं। अमेरिका समझता है भारत की ऊर्जा जरूरतें : विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा भारत की तेल जरूरतों के लिए ईरान पर निर्भर है। अमेरिका इस बात को अच्छी तरह जानता है और वह इसे समझता भी है। कृष्णा का यह बयान अमेरिका की ओर से भारत को ईरान के साथ तेल व्यापार की छूट के बाद आया है। उन्होंने कहा कि ईरान से तेल आयात में कुछ कमी आई है, इसकी पूर्ति के लिए हम सऊदी अरब व अन्य देशों से बात कर रहे हैं। इस पर हिलेरी ने कहा कि हम भारत की जरूरतों को समझते हैं। भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अन्य अमेरिका अन्य स्रोतों पर भी काम कर रहा है। हाफिज सईद को आजाद नहीं देख सकता भारत : अमेरिका के साथ रणनीतिक वार्ता में विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का मामला भी जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने हिलेरी से कहा, दोनों देशों के बीच शांति प्रयास जारी हैं, लेकिन पाकिस्तान को आतंकियों पर नकेल कसनी होगी। कृष्णा ने कहा कि सईद अब भी पाकिस्तान में आजाद घूम रहा है और खुलकर भारत विरोधी गतिविधियां चला रहा है। कृष्णा अगले महीने पाकिस्तान की यात्रा पर जाने वाले हैं। बैठक के दौरान हिलेरी क्लिंटन ने शांति प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और युसूफ रजा गिलानी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बात से खुश है कि भारत-पाक निवेश और व्यापार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हिलेरी के लिए भारत संग रिश्ता दिल का मामला : विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के लिए भारत-अमेरिका संबंध दिल का मामला है। उन्होंने रणनीतिक वार्ता के तीसरे दौर की समाप्ति पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, दिल के मामलों में एक-दूसरे के प्रति सम्मान के साथ आमतौर पर उतार-चढ़ाव होते रहते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या इन उतार-चढ़ावों से दोनों देशों के संबंध प्रभावित होंगे तो क्लिंटन ने कहा, इससे दोनों के संबंध कम हार्दिक नहीं हो जाते और न ही उनकी प्रतिबद्धता कम होती है। उन्होंने कहा, मैं आज भी दोनों देशों के संबंधों में उतनी ही मजबूती महसूस करती हूं, जितनी दो साल पहले करती थी। क्लिंटन ने कहा, मैं हमारे रिश्ते के प्रति बहुत सकारात्मक हूं और हम मतभेदों के बावजूद साथ काम करना जारी रखेंगे। अमेरिका के साथ रक्षा तकनीक सहयोग बढ़ाएगा भारत : भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक वार्ता में रक्षा क्षेत्र संबंधी कई अहम मसलों पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि रक्षा तकनीक के हस्तांतरण, विकास और उत्पादन में भारत-अमेरिका साथ मिलकर काम करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देश रक्षा उत्पाद सौदों, बिक्री, रिसर्च, उत्पादन और विकास को बढ़ाएंगे। पिछले एक दशक में भारत ने अमेरिका से नौ अरब डॉलर के रक्षा सौदे किए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार फिलहाल 10 अरब डॉलर के सौदों पर विचार चल रहा है। अगर ये सौदे होते हैं तो अमेरिका में कई नौकरियों का सृजन होगा। गुरुवार को वार्ता से पहले हिलेरी ने कहा था कि दोनों देशों की सेनाएं नियमित रूप से मिलकर अभ्यास कर रही हैं। समुद्री डाकुओं और समुद्र में शांति बनाए रखने के लिए भी साथ मिलकर काम किए जा रहे हैं। हम चाहते हैं कि रक्षा सौदों को और बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि हम साइबर सिक्योरिटी जैसे मसलों पर सहयोग बढ़ाने पर भी विचार विमर्श कर रहे हैं। कृष्णा ने बताया कि द्वितीय विश्व के दौरान भारत के पूर्वोत्तर इलाकों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के शव खोजने में भी मदद करने पर सहमति बनी है। हेडली और राणा से दोबारा पूछताछ करना चाहता है भारत : भारत ने लश्कर आतंकी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी और उसके सहयोगी तहव्वुर हुसैन राणा से दोबारा पूछताछ करने के लिए पहुंच मुहैया कराने का आग्रह किया है। पाक मूल के दोनों आतंकी फिलहाल अमेरिका की जेल में बंद हैं। भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने वाशिंगटन से 26 नवंबर, 2008 को हुए मुंबई हमलों के षडयंत्रकारियों को न्याय के दायरे में लाने में मदद करने को कहा है। कृष्णा ने अपनी अमेरिकी समकक्ष हिलेरी क्लिंटन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा,मुंबई हमलों की जांच के लिए हमारी कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक भारत हेडली और राणा से दोबारा पूछताछ करना चाहता है। जून, 2010 में चार सदस्यीय भारतीय अधिकारियों ने इन दोनों आतंकियों से पूछताछ की थी। पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी आतंकी हेडली मुंबई हमलों में अपनी भूमिका स्वीकार चुका है।

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