अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी तथा यूरोपीय कर्ज संकट के कारण लड़खड़ा रही भारतीय मुद्रा रुपए को संभालने के लिए जापान ने भारत को 15 अरब डॉलर देने की पेशकश की है। भारत और जापान ने अपनी मुद्राओं रुपए और येन कीअदला बदली की धनराशि वर्तमान तीन अरब से बढ़ाकर 15 अरब डॉलर करने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं की तुलना में रुपए की कीमत में लगातार गिरावट आ रही है जिसे लेकर भारत में चिंता व्यक्त की जा रही है। जापान के कदम से रुपए में मजबूती आने की संभावना है। भारत यात्रा पर आए जापान के प्रधानमंत्री योशिहिको नोदा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच वाषिर्क शिखर वार्ता में जापान ने दिल्ली मेट्रो के तीसरे चरण और पश्चिम बंगाल की वन और जैविक विविधता संरक्षण के लिए एक अरब 70 करोड़ डॉलर का कर्ज देने की घोषणा की। जापान ने दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के लिए अगले पांच वर्ष में चार अरब पचार करोड़ डॉलर उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। यह धनराशि सरकारी और निजी एजेंसियों की ओर से मुहैया करायी जाएगी। दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त करते हुए इस संबंध में द्विपक्षीय समझौते को अंतिम रू प देने के काम तेज करने का निश्चय किया। पूर्व एशिया के समुद्री जल क्षेत्र में चीन की बढ़ती हुई धौंस के मद्देनजर दोनों देशों ने अबाध नौवहन पर जोर दिया। दोनों देशों की नौसेना अगले वर्ष संयुक्त युद्धाभ्यास करेंगी। दोनों देश समुद्री दस्युओं के संकट का भी मिलकर मुकाबला करने पर सहमत हुए हैं। भारत जापान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार के लिए अपने प्रयास तेज करने का भी निश्चय किया है।
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