ईरान ने वि समुदाय को धमकी दी है कि अगर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसके तेल निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो वह होरमुज जलसंधि से होने वाले तेल के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पूरी तरह से रोक लगा देगा। ईरान के पहले उप राष्ट्रपति मोहम्मद रेजा रहीमी ने मंगलवार को कहा, अगर हमारे तेल निर्यात पर रोक लगाई जाती है तो हम होरमुज जलसंधि से एक बूंद तेल का भी व्यापार नहीं होने देंगे। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने रहीमी के बयान की पुष्टि की है। ईरान की इस धमकी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिका ने कहा है कि ईरान की ऐसी धमकियों में कोई दम नहीं है। होरमुज से तेल व्यापार रोकने की बात केवल डींग मारने जैसी ही है। साथ ही जोर देकर कहा है कि अमेरिका तेल के अबाध व्यापार का समर्थन करता है। ईरानकी नौसेना द्वारा होरमुज जलसंधि में शनिवार से शुरू हुए और 10 दिनों तक चलने वाले अब तक के सबसे बड़े युद्धाभ्यास के बीच उप राष्ट्रपति की यह धमकी आई है जिसमें उन्होंने कहा, हमारे खिलाफ साजिश करने वालों को जब हम करार जवाब देंगे तभी वह हमारे खिलाफ साजिशों से बाज आएंगे। गौरतलब है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की रिपोर्ट के बाद यूरोपीय संघ के मंत्रियों ने ईरान के खिलाफ प्रतिबंध और कडे किये जाने का फैसला किया था तथा इसी दौरान ईरान के तेल निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाये जाने की योजना पर विचार किया गया था। इस निर्णय के मात्र तीन सप्ताह बाद ही ईरान ने वि समुदाय को यह धमकी दी है। परमाणु एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान परमाणु बम बनाने के काम में लगा है और हो सकता है कि अभी वह इस पर और शोध कर रहा हो। ईरान ने इसका कड़े शब्दों में विरोध किया था और कहा था कि वह देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम पर काम कर रहा है।
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