Monday, December 19, 2011

निजाम बदला हालात वही


एक ओर जहां अरब जगत में परिवर्तन की लहर को एक साल पूरा होने का जश्न मनाया जा रहा है वहीं मिस्र के तहरीर चौक से आ रही खबरें और तस्वीरें भयावह कहानी बयां कर रही हैं। यहां लोग सत्ता की बागडोर सेना के हाथों से असैन्य नेतृत्व को सौंपे जाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। देश में हाल ही में हुए संसदीय चुनाव के शुरुआती चरणों में कोई हिंसा नहीं हुई थी। लेकिन उसके बाद हजारों प्रदशर्नकारियों ने कड़ाके की सर्दी की परवाह किए बगैर शहर के बीचोंबीच बने ऐतिहासिक तहरीर चौक पर एक दफा फिर अपना डेरा डाल दिया। लेकिन से ना उतनी ही बर्बरता से इन प्रदर्शनों का दमन कर रही है जितना हुस्नी मुबारक के शासन के दौरान किया गया था।
 मिस्र में एक महिला की क्रूरता से पिटाई करते हुए 10 सैनिकों की तस्वीरों ने यहां सेना के प्रति लोगों को और नाराज कर दिया है। यहां तक कि इस महिला की कमीज भी फाड़ दी गई और उसकी नग्न छाती पर पैरों से मारा गया। इस अज्ञात महिला के सिर और बदन पर इससे पहले कई बार धातु की छड़ी से मारा गया। कई सैनिक ने उसके सिर पर पैरों से भी मारा। यह अर्धनग्न महिला अपने हाथों की ढाल से सिर को तब तक बचाने की कोशिश करती रही, जब तक कि वह बेहोश नहीं हो गई। काहिरा के तहरीर चौक में देखे गए शर्मनाक सैकड़ों गतिविधियों में यह एक है जहां मिस्र की सेना ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए क्र ूरता का परिचय दिया। तीसरे दिन भी हिंसा जारी : मिस्र की राजधानी काहिरा के ऐतिहासिक तहरीर चौक पर मिस्र के सैनिकों और प्रदर्शनकारियों के बीच रविवार को लगातार तीसरे दिन झड़प हुई। इन झड़पों में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।

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