बीजिंग, आइएएनएस : चीन में लोकतंत्र वास्तव में वैसा नहीं है, जैसा कि लोग इससे उम्मीद करते हैं। कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं नेशनल कांग्रेस से पहले सरकारी नियंत्रण वाले समाचार पत्र
पीपुल्स डेली ने अपने लेख चाइनाज पाथ टु डेमोक्रेसी में यह बात कही है। चीन में आठ
नवंबर को नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। लेख में कहा गया है, लोकतंत्र महज एक व्यवस्था नहीं, बल्कि जिंदगी जीने का एक तरीका है जिसकी लोगों को जरूरत है।
जैसे-जैसे कानून के शासन को विस्तार दिया जाता है, वैसे-वैसे लोगों में और अधिक जानने की जागरूकता बढ़ती है। चीन में
लोकतंत्र अभी उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, जिसकी लोगों को उम्मीद है। हालांकि, चीन लोकतंत्र में सुधार की धीमी ही सही लेकिन कोशिश कर रहा है। अखबार
के मुताबिक, चीन में लोगों की आजीविका
और सुधार संबंधी बातों पर काफी ध्यान दिया जाता है। वह अपनी शर्तो के अनुरूप
प्रजातंत्र का व्यवहारिक रूप से अनुसरण कर रहा है। लेख में कहा गया है, हर देश का अपना एक अलग लोकतंत्र होता है, जो वहां की जनता और परिस्थितियों के अनुरूप होता है। पश्चिमी
लोकतंत्र के अंधानुकरण से देश में अशांति फैल सकती है। चीन ने पिछले दस साल में
अपने चुनाव के नियमों में संशोधन किया है, अंतर पार्टी लोकतंत्र को आगे बढ़ाया है। चीन ओपन कैडर सलेक्शन सिस्टम
के तहत नवयुवकों को राजनीति में आगे आने को प्रोत्साहित कर रहा है।
Dainik Jagran National Edition 4-11-2012 ns’k fons’k ist-6
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