बीजिंग, प्रेट्र : चीन में आठ नवंबर को होने वाले नेतृत्व परिवर्तन से पहले
सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना पर विवादास्पद एक बच्चा नीति को बदलने के
लिए दबाव बढ़ रहा है। इस नीति को जनसंख्या असंतुलन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा
है। एक आधिकारिक थिंक टैंक ने अपने साहसिक प्रस्ताव में दुनिया की सर्वाधिक आबादी
वाले देश से अपनी परिवार नियोजन की नीति पर पुनर्विचार करने को कहा है। रिपोर्ट के
मुताबिक प्रजनन दर कम होना, लिंग असंतुलन, उम्रदराज लोगों की बढ़ती आबादी, शहरीकरण, प्रवासी श्रमिकों की घटती
संख्या और एक बच्चा नीति के कारण जनसंख्या नकारात्मक वृद्धि की ओर बढ़ रही है।
चाइना डेवलेपमेंट रिसर्च फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को तीन वर्षो में उन क्षेत्रों में धीरे-धीरे एक बच्चा नीति
में ढील देनी चाहिए जहां परिवार नियोजन को सख्ती से लागू किया गया है। 2020 के बाद बच्चे को जन्म देने की योजना को जारी रखने की कोई आवश्यकता
नहीं रहेगी क्योंकि लोग तर्कसंगत तरीके से इस मुद्दे पर फैसला लेंगे। एक बच्चा
नीति को कम्युनिस्ट पार्टी ने देश की बढ़ती आबादी पर लगाम लगाने के लिए 1980 में शुरू किया था। इसके तहत शहरी युगलों को एक बच्चा और ग्रामीण
क्षेत्रों में युगल को दो बच्चे तक सीमित कर दिया गया था। अधिकारियों का दावा है
कि इस नीति के कारण 40 करोड़ बच्चों को जन्म लेने से
रोक दिया गया। फिलहाल देश की आबादी 1.3 अरब है। अधिकारियों ने कहा कि एक बच्चा नीति में ढील देकर दो बच्चे
करना नए नेतृत्व के एजेंडे में शीर्ष पर होगा। शंघाई समेत कई प्रांतों ने इस नीति
में ढील देना शुरू कर दिया है।
Dainik Jagran National Edition 01-11-2012 Desh videsh Page -7
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