ठ्ठजागरण संवाददाता, गुवाहाटी असम के हिंसाग्रस्त बोडो बहुल क्षेत्रों में स्थितियां सामान्य हो रही हैं। बाजार, सरकारी व गैर सरकारी प्रतिष्ठान खुलने लगे हैं। बुधवार को कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद के पुलिस महानिरीक्षक एसएन सिंह ने बताया कि इलाके में शांति है, लेकिन पुलिस व सुरक्षा बल पूरी तरह से सतर्क हैं। दूरदराज इलाकों में सेना की गश्त जारी है। शरणार्थियों के घर वापसी के लिए उनके जमीन के रिकॉर्ड की जांच का काम जारी है। ऐसा लोगों की पहचान के लिए किया जा है, जिससे कि घुसपैठियों का पुनर्वास न हो सके। राज्य के मुख्य सचिव नव कुमार बोरा ने बताया कि लोग अपने घर लौट रहे हैं और उनके पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने नीति तैयार की है। गौरतलब है कि बीते बीस जुलाई से राज्य के बोडो बहुल क्षेत्रों में फैली सांप्रदायिक हिंसा में 96 लोगों की मौत हो चुकी है। लाखों लोग बेघर भी हुए हैं। असम हिंसा का असर महाराष्ट्र, कर्नाटक के अलावा आंध्र प्रदेश में भी देखने को मिला था। घुसपैठ के खिलाफ आज बंद नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन ने असम को छोड़ पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में गुरुवार को बंद का आह्वान किया है। संगठन पूर्वोत्तर राज्यों में बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या से निजात दिलाने व दक्षिण के राज्यों में अफवाहों के माध्यम से पूर्वोत्तर के लोगों को आतंकित कर पलायन कराने को बाध्य करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। असम की सिविल सोसाइटी ने उस नागरिकता कानून में संशोधन की मांग की है, जिसके तहत भारत में जुलाई, 1987 से पहले जन्मे लोगों को नागरिकता के योग्य माना जाता है।
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