Tuesday, September 11, 2012

तालिबान युद्ध विराम को तैयार!





अफगानिस्तान में तालिबान अमेरिका के साथ काम करने को सहमत
लंदन (एजेंसी)। तालिबान अल कायदा से पूरी तरह नाता तोड़ने, अफगानिस्तान में कई सैन्य अड्डों पर अमेरिकी कब्जे को अनुमति देने तथा नाटो के साथ अपने 11 साल पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए युद्धविराम को राजी है। लंदन स्थित रायल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (आरयूएसआई) द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है कि 9/11 के हमलों के मद्देनजर अमेरिका के नेतृत्व में गठबंधन बलों द्वारा अफगानिस्तान से खदेड़े गए समूह ने अब सुरक्षा मामलों पर अमेरिका के साथ सहयोग तथा शांति वार्ताओं में भाग लेने की इच्छा जाहिर की है। इसके बदले में तालिबान की अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मान्यता की शर्त है। आरयूएसआई का अध्ययन चार वरिष्ठ तालिबान नेताओं से साक्षात्कार पर आधारित है। ये वे नेता हैं जो संगठन के नेता मुल्ला मोहम्मद उमर के करीब हैं। इन में पूर्व सरकारी मंत्री, संगठन का एक संस्थापक सदस्य और एक मुजाहिदीन कमांडर हैं। टेलीग्राफमें यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। तालिबान कमांडरों के हवाले से अध्ययन में अफगानिस्तान के लिए एक समझौते की बात कही गई है जो वर्ष 2014 तक देश को पुन: अराजकता की आग में धकेले जाए बिना अधिकतर पश्चिमी सैनिकों की वापसी सुनिश्चित करेगा। यह रिपोर्ट मौजूदा हालात के विपरीत है जहां जमीनी स्तर पर अफगानिस्तान में तालिबान के हमलों में कोई कमी नहीं आई है। इस मसले को लेकर दोहा में शांति वार्ता आयोजित किए जाने का कार्यक्र म है लेकिन कतर को इसमें कोई सफलता नहीं मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के प्रतिनिधियों का मानना है कि अमेरिकियों के साथ उनकी कोई कुदरती दुश्मनीनहीं है और वे दीर्घकाल तक देश में अमेरिकी सेना की मौजूदगी को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, यदि यह अफगान सुरक्षा में मददगार हो।
अल कायदा से नाता तोड़ने का वादा किया
अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मान्यता की शर्त रखी


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