इस्लामाबाद भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच शनिवार को हो रही मुलाकात में नए वीजा समझौते समेत विश्र्वास बढ़ाने के छोटे ही सही, लेकिन कुछ ठोस उपायों पर बात बन सकती है। संबंध सुधार का संदेश लेकर तीन दिवसीय दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने उम्मीद जताई कि दोनों देश दोस्ती व सहयोग का नया मुकाम हासिल कर पाएंगे। इस बीच, पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने इशारा किया है कि शनिवार को नए वीजा समझौते पर दस्तखत हो जाएंगे। इसमें 65 साल से अधिक उम्र के लोगों और धार्मिक दौरे पर आने वाले श्रद्धालुओं को रियायत दी जा सकती है। पाकिस्तान के चकलाला वायुसेना स्टेशन पर विशेष विमान से पहुंचने के बाद मीडिया से रूबरू कृष्णा ने कहा हम ऐसे भविष्य की तलाश में हैं, जहां दोनों देश आतंक व हिंसा मुक्त माहौल में साथ रह सकें। हालांकि भारतीय खेमा इस बात को लेकर खासा सतर्क दिखा कि कहीं बातचीत का ताजा दौर ऊंची अपेक्षाओं की भेंट न चढ़ जाए। दोनों ही पक्ष इस बात पर जोर दे रहे हैं कि बीते डेढ़ साल में बड़े नतीजे न निकलें हों, लेकिन बातचीत की प्रक्रिया जारी है और रहनी चाहिए। दोनों विदेश मंत्री 1983 में बने संयुक्त आयोग की बैठक की भी अगुआई करेंगे। इस बैठक से पहले विदेश सचिव रंजन मथाई और उनके पाकिस्तानी समकक्ष जलील अब्बास जिलानी के बीच दो घंटे की मुलाकात हुई। इसमें बीते एक साल के दौरान दोनों मुल्कों के बीच हुई वार्ताओं की समीक्षा की गई। व्यापार और वाणिज्य पर कुछ मु्द्दों को लेकर बनी समझ को छोड़ दें तो सरक्रीक, सियाचिन सहित अनेक लंबित मुद्दों पर विवाद बरकरार हैं। पाकिस्तान पहुंचने के बाद कृष्णा ने प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के अलावा पीपीपी गठबंधन वाली सरकार में शामिल मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम), आवामी नेशनल पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) के नेताओं से भी मुलाकात की। कृष्णा लाहौर में पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ से भी भेंट करेंगे।
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